– विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 पर सुप्रयास का आयोजन
भिण्ड, 07 अप्रैल। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 पर दुनिया के लोगों से विज्ञान का समर्थन करने का आह्वान करते हुए थीम दी है- ‘स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहेंÓ। भारत में मिथकों और अंधविश्वासों से आम जनता को सावधान करके ही हम स्वास्थ्य के लिए एकजुट होकर विज्ञान के साथ खड़े हो सकते हैं। यह बात पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद सक्सेना ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर को विवेकानंद नर्सिंग कॉलेज में सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा आयोजित में कही।
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इस वर्ष भी एक सालभर चलने वाले अभियान की शुरुआत की है। जो मनुष्यों, जीव जंतुओं, पेड़ पौधों और पृथ्वी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वैज्ञानिक सहयोग की शक्ति का उत्सव मनाएगा। यह अभियान वैज्ञानिक उपलब्धियों और साक्ष्यों को कार्रवाई में बदलने के लिए आवश्यक बहुपक्षीय सहयोग पर प्रकाश डालता है।
सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि 2026 के अभियान के केन्द्र में दो प्रमुख वैश्विक आयोजन हैं- फ्रांस की सरकार द्वारा जी7 की अध्यक्षता में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वन हेल्थ शिखर सम्मेलन (7 अप्रैल) और डब्ल्यूएचओ सहयोगी केंद्रों का उद्घाटन वैश्विक मंच (7-9 अप्रैल), जिसमें 80 से अधिक देशों के लगभग 800 वैज्ञानिक संस्थान एकत्रित हुए हैं। ये दोनों आयोजन मिलकर संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के अंतर्गत अब तक का सबसे बड़ा वैज्ञानिक नेटवर्क बनाते हैं, जो इस बात को रेखांकित करता है कि विज्ञान-आधारित साझेदारियां सभी के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण कैसे कर सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है कि जब संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रासंगिकता ही खतरे में है। जब अमेरिका देश जैसे देश संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतर्राष्ट्रीय कानूनो को ठेंगा दिखाकर अपने स्वार्थ के लिए दुनिया को युद्ध में धकेल चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य और जनहित के कार्यक्रम कितना सफल होंगे यह भी प्रासंगिक और चिंतनीय है। बहरहाल यह अभियान दुनियाभर की सरकारों, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य कर्मियों, साझेदारों और आम जनता से आह्वान करता है कि स्वास्थ्य की रक्षा के लिए साक्ष्य, तथ्यों और विज्ञान आधारित मार्गदर्शन से जुड़कर विज्ञान का समर्थन करें, विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य में विश्वास का पुनर्निर्माण करें और स्वस्थ भविष्य के लिए विज्ञान आधारित समाधानों का समर्थन करें। उन्होंने सुप्रयास द्वारा स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में डॉ. प्रमोद वर्मा ने कहा कि समाज में फैले मिथकों एवं अंधविश्वासों से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए केवल वैज्ञानिक पद्धति एवं योग्य चिकित्सकों पर ही विश्वास करना चाहिए। अंत में आभार व्यक्त करते हुए डॉ. मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि सुप्रयास द्वारा विवेकानंद नर्सिंग कॉलेज एवं अस्पताल में प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। उन्होंने चिकित्सकों एवं चिकित्सा स्टाफ से आग्रह किया कि वे आमजन से संवाद करते समय सरल भाषा में वैज्ञानिक तथ्यों को समझाएं, ताकि भ्रम और गलत धारणाओं को दूर किया जा सके। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जागरूकता और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों डॉ. निकिता बोहरे, हिमांशु श्रीवास्तव, समीक्षा शर्मा ने भी स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा सभी से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।


