– न्यायाधीश हनुमान जी के रूप में है कांक्सी सरकार की प्रसिद्धि
भिण्ड, 31 मार्च। जिले के दबोह क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध सिद्ध स्थल कांक्सी सरकार मन्दिर में आगामी 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मान्यता है कि जहां अदालतों के दरवाजे बंद हो जाते हैं, वहां से कांक्सी सरकार जज हनुमान की अदालत का काम शुरू होता है।
इस विशेष अवसर पर हनुमान महाराज का राजशाही श्रृंगार, अभिषेक और सवा लाख हनुमान चालीसा के पाठों का महा-अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। आयोजित होने वाले महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस दौरान हनुमान जी का अभिषेक एवं बालभोग प्रात काल ब्रह्म मुहूर्त में प्रभु का पंचामृत अभिषेक होगा, जिसके बाद विशेष बालभोग लगाया जाएगा। मन्दिर परिसर में साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा के एक लाख 25 हजार पाठ किए जाएंगे, जिसके मंत्रोच्चार की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठेगा। अनुष्ठान के समापन पर विशाल भण्डारा आयोजित होगा। जिसमें हजारों लोगों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यवस्थापक फक्कड़ बाबा, पुजारी अंशु पचौरी और शिवम तिवारी की टीम सुरक्षा और दर्शन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रही है। मन्दिर प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस महापर्व में सम्मिलित होकर न्यायाधीश हनुमान की कृपा प्राप्त करें।
फाइलें होती हैं जमा, मिलता है न्याय
कांक्सी सरकार मन्दिर की महिमा देशभर में फैली हुई है। यहां हनुमान जी को न्यायाधीश हनुमान के रूप में पूजा जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां भक्त अपनी अदालती समस्याओं और झूठे मुकद्दमों से मुक्ति के लिए अर्जी लगाते हैं। मंदिर की सबसे अनूठी परंपरा यह है कि भक्त अपने कानूनी दस्तावेजों या मुकदमों की अर्जी हनुमान जी के चरणों में फाइल के रूप में रखते हैं। माना जाता है कि यहां 5 परिक्रमा लगाने और जज साहब के दरबार में हाजिरी देने से जटिल से जटिल कानूनी विवादों का समाधान हो जाता है।
दंदरौआ सरकार का मार्गदर्शन और संतों का सानिध्य
दो अप्रैल को आयोजित यह भव्य आयोजन महामण्डलेश्वर 1008 रामदास महाराज (महंत दंदरौआ सरकार व कांक्क्षी सरकार) के आशीर्वाद से संपन्न हो रहा है। दंदरौआ सरकार डॉक्टर हनुमान और कांक्सी सरकार जज हनुमान का गहरा आध्यात्मिक संबंध है, जहा एक ओर रोगों का इलाज होता है, वहीं दूसरी ओर संकटों से न्याय मिलता है।


