भिण्ड, 24 मार्च। रावतपुरा सरकार धाम में चल रहे नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव के दौरान रामार्चा यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में लहार तहसील समेत ग्वालियर, दतिया, सागर, छतरपुर समेत अन्य जिलों के लगभग दो हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया और यज्ञस्थल की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया।
श्रीरामार्चा यज्ञ के दौरान वैदिक विधि विधानों से वेदी का पूजन किया गया। वैदिक ऋचाओं का सस्वर पाठ कर अभिमंत्रित जल से पूजन किया। भगवान भोलेनाथ के सानिध्य में भगवान शिव सहित पंच देवताओं का आह्वान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम के साथ उनका आह्वान किया। इसके बाद भगवान राम के रामार्चा यज्ञ का आयोजन किया गया। इसे रावतपुरा सरकार संस्कृत विद्यालय के आचार्यों द्वारा पूर्ण विधिविधान से रामार्चा यज्ञ संपन्न करवाया गया।
रविशंकर महाराज ने बताया कि रामार्चा अनुष्ठान वैदिक सभ्यता के सोलह संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। रामार्चा सकल ब्रह्मांड का पूजन है और ब्रह्मांड के प्रत्येक कण में रमा हुआ तत्व है राम। महाराज ने कहा कि इस यज्ञ का फल हजारों अश्वमेध यज्ञों के बराबर माना जाता है। इसमें सहभागिता करने से पाप का नाश होता है, कष्ट दूर होते हैं और शांति, समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति होती है।
Tuesday, April 7
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