भिण्ड, 24 जनवरी। गायत्री मन्दिर प्रज्ञापीठ कुम्हरौआ भिण्ड अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा अखण्ड दीप एवं माताजी की जन्मशताब्दी 100 वर्ष पूर्ण होने पर वसंत पंचमी के पावन पर्व एवं गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस के अवसर पर गायत्री महायज्ञ में आहुतियां समर्पित कर मां सरस्वती से सद्बुद्धि, ज्ञानरूपी प्रकाश का समस्त जन प्राणियों में समावेश हो ऐसी प्रार्थना की। तीन विद्यारंभ संस्कार हुए हमारे युग में वसंत पंचमी को माता सरस्वती की आराधना को ज्ञान को तथा ज्ञानी को युगऋषि गुरूदेव ने सर्वथा नवीन परिभाषित किया है। उनके द्वारा गढ़ी गई ये परिभाषाएं हमारे अपने युग की नए युग की है। गुरुदेव ने अपने जीवन की प्रत्येक वसंत पंचमी ज्ञान द्वारा हम सबको यह बताया कि वसंत पंचमी ज्ञान के सत्य के नवोन्मेष का पर्व है। उन्होंने हमें यह भी बताया कि माता सरस्वती देवी एवं माँ गायत्री की आराधना की और शाम 7 बजे दीपयज्ञ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मनोज गुप्ता, चन्द्रकांता भदौरिया, रूपसिंह भदौरिया, अमर बहादुर सिंह भदौरिया, माहौल मास्टर, मुन्नी सिंह राजावत, महेन्द्र सिंह, सत्यम सोनी, श्यामू भारौली, निहाल सिंह पुजारी, सुशीला राजावत, आशा सोनी, कमलेश राजावत अपराजिता, गुड्डी गहलोत, ममता भदौरिया, संध्या, छाया, सुनीता शर्मा, बीटीबाला पाठक, विजयकांत पाठक, अनिल पाठक, समर्थ पाठक, भानू, अंभी, गीता, उमा नरवरिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Sunday, April 5
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