-कनावर में भदावर कुलदेवी मां भद्रकाली धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में शामिल हुईं सांसद
भिण्ड, 24 जनवरी। सांसद संध्या राय अटेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनावर स्थित भदावर कुलदेवी मां भद्रकाली धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में पहुंच कर शामिल हुईं।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति और हृदय को आध्यात्मिक ऊर्जा मिली। उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ आध्यात्मिक की विचारधारा को जन-जन में जागृत किया जा रहा है, उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि अयोध्या में भगवान राम मंदिर, उज्जैन के महाकाल, केदारनाथ, हरिद्वार, सोमनाथ जैसे अनेक धार्मिक हिंदुओं के मंदिरों को विचारों के साथ जुड़े उधर कराकर उन्होंने अपनी हिंदुत्व की विचारधारा को जन-जन में जागृत किया है।
सांसद राय ने कहा कि कथा की सार्थकता तब ही सिद्ध होती है जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय,मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल मनोरंजन के रस तक ही सीमित रह जाएगी। भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शंाति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भागवत पुराण हिन्दुओं के 18 पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद् भागवत या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इसका मुख्य विषय भक्ति योग है, जिसमें श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। इस पुराण में रस भाव की भक्ति का निरूपण भी किया गया है। भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमद् भागवत मोक्ष दायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। श्रीमद् भागवत कथा सुनने से प्राणी को मुक्ति प्राप्त होती है। सत्संग व कथा के माध्यम से मनुष्य भगवान की शरण में पहुंचता है, वरना वह इस संसार में आकर मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है, इसीलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। बच्चों को संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें। भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला के दर्शन, करने का हम सबको सौभाग्य प्राप्त होता है, इसीलिए भगवान की स्त्री भक्ति को जागृत करने के लिए हम सच्चे मन के भाव से कथा का श्रवण करें, यही हमारे लिए सनातन धर्म की विचारधारा का संकल्प होगा।
सांसद राय ने भदावर कुलदेवी मां भद्रकाली मन्दिर पर पहुंचकर पूजा अर्चना की और मैया से सुख, समृद्धि, शांति, सद्भावना की प्रार्थना। उन्होंने व्यास गद्दी पर पहुंचकर भागवत आचार्य शास्त्री का अंग वस्त्र उड़कर उनका सम्मान किया और आशीर्वाद आशीर्वाद लिया। उनके साथ संतोष सिंह मसूरी एवं ग्रामीणजन तथा पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल थे।


