– घर-घर गीता का प्रचार हो जन अभियान के तहत हुआ गीता स्वाध्याय
भिण्ड, 29 दिसम्बर। घर-घर गीता का प्रचार हो जन अभियान के अंतर्गत विश्व गीता प्रतिष्ठानम् द्वारा शहर के हाउसिंग कॉलोनी स्थित उमेश वर्मा के यहां गीता स्वाध्याय किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कन्याओं द्वारा भगवान कृष्ण के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ।
स्वाध्याय पत्र का वाचन जिला संयोजक विष्णु कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने निरंतर चल रहे गीता के स्वाध्याय के अभियान से लोगों को अवगत कराया, साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान में जोड़ने पर बल दिया। सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार प्रदीप ऋषिश्वर ने गीता के महत्व को समझाया और छात्र-छात्राओं के जीवन में गीता क्या परिवर्तन ला सकती है इस विषय पर बौद्धिक उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपनी मनोवृति इस प्रकार की बनानी चाहिए कि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
प्रमोद मिश्रा ने सुभाषित की सुंदर व्याख्या की, उन्होंने कहा कि जो कार्य हमें करना है उसे आज ही करें उसे आगे बढ़ाने या टालने की प्रवृत्ति न बनाएं। समाजसेवी गगन शर्मा ने गीता की महत्ता बताते हुए इसे जीवन का अंग बनाने का आह्वान किया तथा गीता किस प्रकार से व्यक्ति के जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाती है इससे अवगत कराया। नितिन दीक्षित ने गीता से होने वाले लाभ वह धर्म की परिभाषा की विस्तृत रूप से व्याख्या की।
गीता के तीसरे अध्याय का पाठ व व्याख्या ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया द्वारा की गई, उन्होंने बताया कि गीता का तीसरा अध्याय कर्म योग है कर्म के करने की विधि, कर्म क्या है, नियत कर्म क्या है इस विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति कर्म के बिना नहीं रह सकता, प्रकृति जन्य तीन गुणों द्वारा वशीभूत होकर मनुष्य को कर्म करना ही पड़ता है। अत: कर्म से विमुख नहीं होना चाहिए और नियत कर्म करना चाहिए। यज्ञ के अर्थ में जो कर्म किए जाते हैं वही कर्म है शेष तो बंधन है, अत: हमें यज्ञ कर्म करना चाहिए जो व्यक्ति हठ से इन्द्रियों को रोक कर मनसे विषयों का चिंतन करता है वह दम्भी और मिथ्याचारी कहलाता है। विश्व गीता प्रतिष्ठानम के मीडिया प्रभारी शैलेश सक्सेना का कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा। अंत में मां गीता की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर महेंद्र दीक्षित, एस कुशवाहा, राजेन्द्र सिंह भदौरिया, दुर्गादत्त शर्मा, राहुल सोनी, रामवीर भदौरिया, उमेश वर्मा, बृजेश शर्मा, आदित्य चौहान, अंकित राजावत, संतोष नरवरिया, सूर्या भदौरिया, अमित राय, बबलू सिंधी, आकाश भदौरिया, आनंद त्रिपाठी, शिवम श्रीवास्तव, अमित चौधरी, बलदेव शर्मा, प्रशांत वर्मा, राजीव शर्मा, गगन शर्मा, नितिन दीक्षित, कुलदीप राजावत, शैलेश सक्सेना एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


