– राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित
– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने एरोपोनिक्स इकाई का किया लोकार्पण
ग्वालियर, 11 दिसम्बर। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि आप अपने और भारत के भविष्य निर्माता हैं। आपकी डिग्री आपको ज्ञान देती है, लेकिन आपके साहस और दृष्टि से आपका भविष्य तय होगा। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय की एरोपोनिक्स इकाई का भी लोकार्पण किया।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई ‘कर्म प्रधान बिस्व करि राखा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्य ही जीवन की दिशा और परिणाम तय करता है। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि कर्म योग की सिद्धांत ही उन्हें जीवन में अभूतपूर्व सफलता देगा। उन्होंने अपनी दादी श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया को याद किया। उन्होंने कहा कि राजमाता ने राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ अपना संपूर्ण जीवन समाज के कमजोर वर्गों और ग्रामीण उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब कृषि को डिजिटल, तकनीक और एआई की शक्ति मिलेगी और यह जिम्मेदारी आज के नव-स्नातकों के कंधों पर है।
तकनीक आधारित होगा कृषि का भविष्य
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि और तकनीक के संयोजन पर कहा कि कृषि अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि एआई-इनेबिल, जेनोमिक्स-ड्राइवन, क्लाइमेट-स्मार्ट सेक्टर बन चुका है। उन्होंने बताया कि कैसे आज एआई मिट्टी परीक्षण, पेस्ट प्रीडिक्सन, मौसम विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ा रहा है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किसान का को-पायलट बन गया है। आज मिट्टी परीक्षण से लेकर कीट भविष्य वाणी तक की एआई की सुविधा एक छोटे मिर्च किसान की आय दोगुनी करने में सहायक बन रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि दूसरी हरित क्रांति आपकी लैब्स और आपके माइंड्स में जन्म ले रही है। जेनोमिक्स, बायो-नैनो टेक्नोलॉजी और क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर के माध्यम से आप ऐसे पौधे तैयार कर रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन से लड़ने में सक्षम होंगे, जिससे ‘बीज किसान का सबसे टिकाऊ बीमा’ बनेगा।
महिला नेतृत्व द्वारा कृषि में क्रांति है नमो ड्रोन दीदी योजना
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नमो ड्रोन दीदी योजना को कृषि क्षेत्र की टेक्नोलॉजी-समर्थित सामाजिक क्रांति बताते हुए कहा कि यह सिर्फ तकनीक का प्रसार नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का ऐतिहासिक मॉडल है। उन्होंने बताया कि 2023-26 के बीच 15 हजार स्वसहायता समूहों को ड्रोन देने का लक्ष्य लिया गया, हर समूह को एक लाख रुपए से अधिक अतिरिक्त वार्षिक आय का अवसर दिया गया है, देश में 1094 ड्रोन दीदी हैं, जिनमें 87 मप्र में सक्रिय हैं। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि की कहानी है।
युवाओं के लिए सिंधिया ने दिए तीन जीवन-सूत्र
अपने संबोधन में सिंधिया ने विद्यार्थियों के लिए तीन सूत्र दिए विजन, कोलाबोरेशन और कोम्पेशन। विजन यानि छात्र इनोवेशन को अपनाएं, क्योंकि इनोवेशन अपनाएंगे तो भविष्य को नेतृत्व देंगे। कोलाबोरेशन यानि लैब, फील्ड, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स मिलकर ही नई क्रांति लाएंगे और कम्पेनशन यानि किसान केवल उत्पादक नहीं, वह भारत की खाद्य सुरक्षा का प्रहरी है। उसकी समस्या को समझना ही छात्रों का वास्तविक कौशल है। उन्होंने कहा कि कृषि बीज से उपभोक्ता की प्लेट तक एक वैल्यू चेन बन चुकी है और इसमें नवाचार, साझेदारी और किसान के प्रति संवेदनशीलता ही सफलता का आधार है।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने विद्यार्थियों से कहा कि आज आपकी यात्रा का आरंभ है, आप वही अगला अध्याय हैं, जो भारत की कृषि के भविष्य को नई ऊंचाई देगा, खेतों को प्रयोगशाला बना देगा और प्रयोगशालाओं से समृद्ध फसल का रास्ता निकालेगा। उन्होंने सभी स्नातकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण तीनों के ध्वजवाहक बनकर उभरें।


