– जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला मुख्यालय पर प्रति रविवार होगा जैविक सेतु कार्यक्रम
– नागरिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे जैविक उत्पाद
ग्वालियर, 07 दिसम्बर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान की पहल पर जिला मुख्यालय पर जैविक सेतु कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत रविवार को संयुक्त कृषि परिसर रेसकोर्स रोड पर जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए मेले का आयोजन किया गया। मेले में जिले के किसानों ने अपने-अपने खेत पर जैविक खेती के माध्यम से उत्पादित फल, सब्जी एवं अन्य सामग्री का न केवल प्रदर्शन किया बल्कि विक्रय भी किया।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने जैविक सेतु कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जिले के किसान भाईयों से संवाद स्थापित कर जैविक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्वालियर जिले के आम नागरिकों को संयुक्त कृषि परिसर, रेसकोर्स रोड (मेला ग्राउण्ड के सामने) पर जैविक उत्पादों की बिक्री एवं क्रय के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराया गया है। इस पहल के माध्यम से जिले के जैविक कृषकों को अपने जैविक उत्पादों के प्रत्यक्ष विपणन का अवसर मिलेगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा तथा उपभोक्ताओं को शुद्ध, प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त कृषि उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। जैविक सेतु कार्यक्रम में इच्छुक किसान भाई अपने प्रमाणित या पारंपरिक जैविक तरीकों से उत्पादित कृषि उत्पादों की बिक्री हेतु आत्मा में अपने नाम, ग्राम का पंजीयन करा कर प्रत्येक रविवार निर्धारित स्थान पर पहुंचकर भाग ले सकते हैं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य जैविक खेती को प्रोत्साहित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाना है। कार्यक्रम में किसान संघ के अध्यक्ष एवं सदस्य वीरेन्द्र शर्मा, रामाधार सिंह कुशवाह, नंदकिशोर बघेल, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी व मछली पालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने किसानों द्वारा लगाए गए सभी स्टॉलों का भी अवलोकन किया और किसानों से उनके उत्पाद के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रत्येक रविवार को इस प्रकार का मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले का व्यापक प्रसार-प्रसार कर नागरिकों से जैविक उत्पादों को अपनाने की अपील भी की जाएगी। उन्होंने किसान भाईयों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश भर में जैविक खेती को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्वालियर जिला मुख्यालय पर जैविक उत्पादों का कार्यक्रम जैविक सेतु प्रारंभ किया गया है। उन्होंने किसान भाईयों से अपील की है कि वे स्वयं भी जैविक खेती को बढ़ावा दें। साथ ही अन्य किसानों को भी जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर भी किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। उप संचालक कृषि एवं कृषि वैज्ञानिकों ने भी इस मौके पर किसान भाईयों पर आधुनिक खेती एवं कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नए-नए प्रयोजनों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
जैविक सेतु कार्यक्रम में जिले के किसान शिवचरण कुशवाह, बंदना चक, देवेन्द्र सिंह भदौरिया निवसीगण गुंधारा, हरिशंकर राजे गणेशपुरा, विजेन्द्र रावत निवसी देवरा, पूरन सिंह निवसी अमरोल, रामसेवक कुशवाहा एवं सुरेन्द्र सिंह बघेल निवसी किशनपुर, गजराज सिंह कुशवाहा निवसी भाजपुरा, प्रभुदयाल अटल निवसी रामपुर, हरिसिंह, अरुण, नरेश सिंह निवसी बरेली, डॉ. अरविन्द सिंघल निवसी टेकनपुर, विवेक दीक्षित निवसी गंगापुर, प्राणसिंह निवसी बिलौआ, कल्याण सिंह निवसी पठा पनियार, अखिलेश सिंह तोमर निवसी बड़कागांव, साहब सिंह रावत निवसी बनेरी, संजय यादव निवसी मेहगांव, अखिलेश सिंह तोमर निवसी बड़कागांव, साहब सिंह रावत निवसी बनेरी, जवाहरलाल धाकड़, आशा कुशवाहा निवसी भाजपुरा, सोनू कुशवाहा निवसी अमरोल, हरिसिंह कुशवाहा निवसी सेमरा, राजू कुशवाहा व डॉ. अभय मिश्रा निवसी रामपुर ने भागीदारी की।


