– 10 दिन में नहीं हटाए तो पूरा गांव सड़क पर करेगा अनशन
भिण्ड, 30 नवम्बर। मेहगांव क्षेत्र के ग्राम पचेरा रासलदार बहरपुरा में जनता का सब्र टूट चुका है। यहां वर्षों से चली आ रही मीट मंडी की बदबू, मन्दिरों के पास फेंकी जा रही हड्डियां, बच्चों और महिलाओं के सामने मांस काटे जाने की घटनाएं, 25 फीट तक फैल चुका अतिक्रमण, सड़क जाम और नगर परिषद की लगातार अनदेखी, सब मिलकर आज गांव को विस्फोट की सीमा तक पहुंचा चुके हैं।
ग्राम वासियों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए ऐलान किया है कि 10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो बीच बाजार में अनशन पर बैठेंगे और इस बार किसी की अपील आंदोलन रोक नहीं पाएगी। सभा में ग्रामीणों ने बताया कि 50 हजार से अधिक लोगों का रोजाना आवागमन होता है, बड़े-बड़े स्कूल, कॉलेज हैं, धर्मशालाएंं, वाटिकाएं हैं। लेकिन सड़क इतनी संकरी और गंदगी से भरी है कि बच्चे स्कूल जाते-आते उल्टी कर देते हैं, कई बालिकाएं बेहोश तक हो चुकी हैं, कई ने डर और शर्म के कारण पढ़ाई तक छोड़ दी। महिलाओं के गुजरने पर गंदी निगाहें, आवाजें, बदसलूकी सबके सामने आज खुलकर उठीं और जनता चुप नहीं रही।
ऐतिहासिक मन्दिर राम जानकी और दाऊजी का मन्दिर तथा समीप ही मुस्कान खेड़ा हनुमान मन्दिर है। जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं, वहीं बगल में मांस काटा जा रहा है, नाश्ते के ठेलों के पास हड्डियों का ढेर, सड़ांध और गंदगी फैली हुई है। ग्राम वासियों ने आरोप लगाया कि ठेले वालों से हफ्ता वसूली, बिना नियम दुकानें खुलवाना, सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति और नगर परिषद की चुप्पी इन सबने व्यवस्था को सड़ा दिया है। किसी के पास बैठने की जगह नहीं, पानी की व्यवस्था नहीं, सड़क पर निकलना तक मुश्किल है, जनता ने इसे अब न्याय नहीं, अस्तित्व का मुद्दा बताया है।
सभा में प्रकाश नारायण बरुआ, रामकुमार त्यागी, शिवम बरुआ, शहाबुद्दीन खान, ब्रह्मानन्द बरुआ, शिवकुमार बरुआ, रामशंकर बरुआ, मोहन शर्मा, हल्ला जाटव, दिनेश जाटव, रामलाल जाटव, दिनेश कुशवाहा, जबर सिंह कुशवाहा, ज्ञानसिंह कुशवाहा तथा अनेक ग्रामीणजन मौजूद रहे।
इनका कहना है:
”हम 15 साल से गंदगी, बदबू, अपमान और अतिक्रमण झेल रहे हैं। मीट मण्डी दो ऐतिहासिक मन्दिरों के बीच चल रही है, ये कैसा न्याय? अगर 10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई, मण्डी नहीं हटी, सड़क साफ नहीं हुई, बालिकाओं के लिए रास्ता सुरक्षित नहीं बना तो पचेर गांव अनशन पर बैठेगा। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, सब सड़क पर उतरेंगे और मेहगांव प्रशासन जवाब देगा। आज पचेरा की लड़ाई सिर्फ मीट मण्डी हटाने की नहीं, सम्मान वापस लाने की है और अब जनता पीछे नहीं हटेगी।ÓÓ
राघवेन्द्र बरुआ


