– महिलाएं गर्व से कहती हैं- हमारे घर भी अब शहरों की तरह जलमय
भिण्ड, 25 नवम्बर। मौ तहसील के ग्राम केशवपुर में जल संकट बरसों से एक बड़ी समस्या थी। गांव में खारा पानी होने की वजह से ग्रामीणों को मीठे पानी के लिए लगभग 4.5 किमी दूर जाने को मजबूर होना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को रोजाना कई बार ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर पानी ढोना पड़ता था। इस कार्य में उनका बहुत-सा समय और श्रम व्यर्थ चला जाता था, जिससे उनकी पढ़ाई, आजीविका और दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ता था। कई बार गर्मी के मौसम में पानी की कमी से बीमारियां भी फैल जाती थीं।
लेकिन जब ग्राम में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से पानी पहुंचाने की योजना शुरू हुई, तो मानो एक नई सुबह आ गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ‘नैनोली की हारÓ जल स्त्रोत से पाइप लाइन बिछाकर पूरे गांव में मीठे पानी की आपूर्ति की, हर घर को नल कनेक्शन दिया गया। कुछ ही महीनों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अब हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ, सुरक्षित और मीठा पानी आने लगा, ग्राम की महिलाओं ने राहत की सांस ली। पहले जहां उन्हें दिन का बड़ा हिस्सा पानी लाने में लग जाता था, वहीं अब वे उस समय का उपयोग सिलाई-कढ़ाई, खेती-बाड़ी और अन्य उत्पादक कार्यों में कर रही हैं। इससे न केवल उनका आत्म निर्भरता का स्तर बढ़ा है, बल्कि परिवार की आमदनी में भी वृद्धि हुई है। बच्चे अब समय पर स्कूल पहुंचने लगे हैं और पढ़ाई में अधिक ध्यान दे पा रहे हैं।
यह योजना केवल पानी की सुविधा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने गांव के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इस योजना की सफलता ने पूरे जिले के अन्य गांवों को भी प्रेरित किया है। जल जीवन मिशन ने साबित कर दिया है कि यदि प्रतिबद्धता और योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए, तो ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाना पूरी तरह संभव है।


