– ठेकेदार एवं जिम्मेदार नप अधिकारियों की मिली भगत के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 18 लाख रुपए का नाला
भिण्ड, 25 नवम्बर। नगर परिषद मालनपुर में नगरीय विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर नगर में नाला, नाली व सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण कराए जा रहा है। इन कार्यों में भ्रष्टाचार का घुन लग रहा है, अभी तो नगर परिषद के प्रथम पंच वर्षीय भी खत्म नहीं हो पाई और लुटेरों ने अपना पांव जमा लूटना शुरू कर दिया।
मालनपुर नगर के वार्ड क्र.14 में कन्या शाला स्कूल से लेकर रिठौरा मेन रोड तक का एक साल पहले नवीन 250 मीटर नाला बनाने टेंडर निकाला गया जो कि समीक्षा कॉन्ट्रैक्शन को मिला। जिसको समीक्षा कंस्ट्रक्शन ठेकेदार एवं नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत से खराब मटेरियल गुणवत्ताहीन आधे अधूरा नाले का निर्माण कार्य किया गया और कम से कम लगभग 30 मीटर नाला बिना बनाए फाइलों में बना दर्शा पास कर दिया गया। इस तरह नगर परिषद कर रही मालनपुर का सौंदरीकरण। नाले, नालियों, सी सी सौंदर्यकरण के निर्माण के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए का लगा रहे सरकार को चुना। भर रहे अपनी-अपनी जेबें।
इंजीनियर ने मौके पर जाकर किया नाले का निरीक्षण
लोगों की सूचना मिलने पर हमने इसकी जानकारी नगर परिषद में दी तो वहां से इंजीनियर मौके पर पहुंचे और जांच की। मौके पर नाला कई जगह से धराशाई हो गया है, ऊपर भी खुला पड़ा है। सही तरीके से नालियों के हिसाब से पानी उतरने के लिए ढलान देकर नहीं बनाया गया। जिस कारण वार्ड की गलियों से निकलने वाला नालियों का पानी उसमें नहीं उतर रहा है। जिस कारण नाले के आगे वह पीछे पानी रुकने से काफी गंदगी फैली हुई है इस गुणवत्ताहीन नाले के कारण। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि एक साल के करीब पहले बना यह नाला पूरा बना ही नहीं, 250 मीटर बनने वाले नाले में 30 मीटर के लगभग नाला बना ही नहीं।
कंप्लीट पास है नाला निर्माण, ठेकेदार को हुआ भुगतान
आश्चर्य की बात तो यह है कि कोई ठेकेदार जब नाला निर्माण कराता है तो नगर परिषद इंजीनियर द्वारा उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है एवं पूर्ण रूप से नाला बना है कि नहीं उसकी भी जांच की जाती है, उसके बाद ही ठेकेदार को उसे कार्य का पेमेंट दिया जाता है, लेकिन मालनपुर नगर परिषद की तो बात ही अलग है पहले तो घटिया मटेरियल से बना गुणवत्ता ही नाला। दूसरा 30 से 35 मीटर तो बना ही नहीं और नगर परिषद की फाइलों में पूरा बना डाला। अब बताइए किस हद तक हो रहा है घोटाला। इस तरह के भ्रष्टाचार मालनपुर नगर परिषद में हुए कई कार्यों पर भी उंगली कर रहा है।
इनका कहना है:
”हमने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि वास्तव में नाला सही नहीं बना है, गुणवत्ताहीन और अधूरा बना हुआ है। ठेकेदार की डिपॉजिट सिक्योरिटी जमा है, उसे रोकेंगे और उस से इसकी मरम्मत करवाई जाएगी। और जो छूटा हुआ नाला है उसको भी ठेकेदार द्वारा पूरा कराया जाएगा।”
विजय शर्मा, नगर इंजीनियर”जांच में गुणवत्ताहीन नाला पाए जाने पर नगर परिषद द्वारा समीक्षा कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी कर दिया गया है।”
रियान अली, सीएमओ मालनपुर


