– मेहगांव की जनता 15 साल से भुगत रही नतीजा
भिण्ड, 20 नवम्बर। पचेरा रोड पर पिछले 15 वर्षों से चल रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण, सीमांकन की अनदेखी और नगर परिषद महेगांव की लापरवाही अब जनता के धैर्य की परीक्षा ले रही है। जहां 60 फुट की रोड बननी चाहिए थी, वहीं नगर पालिका ने रहस्यमयी तरीके से केवल 20 फुट की रोड बचने वाली स्थिति बना दी है और यह सब पार्षदों, अधिकारियों और नगर परिषद सीएमओ की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है।
पचेरा रोड पर दोनों तरफ अवैध कब्जे 10-15 फुट तक सड़क पर चढ़े हुए हैं, लेकिन अवैध कब्जा हटाने के बजाय नगर पालिका ने मनमानी करके केवल एक तरफ नाला बनवा दिया, वो भी 15 फुट पहले ही, ताकि अतिक्रमण वाले मकान बच जाएं। 60 फुट की सरकारी रोड गायब और जनता के लिए बची केवल 20 फुट की जानलेवा संकरी सड़क है, स्कूल, कॉलेज, मन्दिर, बाजार, हर जगह ट्रैफिक जाम, कीचड़, गंदगी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ चुका है। बच्चे-बूढ़े-महिलाएं सभी परेशान, लेकिन नगर परिषद को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
जब तहसीलदार से पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें किसी कार्य की जानकारी नहीं है, हम जानकारी लेते हैं और एसडीएम ने सिर्फ आश्वासन देकर फिर चुप्पी साध ली। जिससे स्थानीय नागरिकों का दर्द अब गुस्से में बदल चुका है। लोगों का कहना है कि यह गूंगे-बहरे शासन का नमूना है। सीएमओ की मनमानी, नगर परिषद की मिलीभगत और पार्षदों की चुप्पी ने मेहगांव की जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। अवैध निर्माण रोकने के बजाय अधिकारियों की नजर सिर्फ लेन-देन और शॉर्टकट कार्यों पर है।


