– तीन लाख में मय शस्त्र के बनाया जाता था लाईंसेंस
भिण्ड, 23 अप्रैल। जिले में चल रहे फर्जी आ र्स लाइसेंस रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अभी तक 13 आरोपियों को गिर तार किया जा चुका है। आरोपियों के कब्जे से अभी तक कुल 11 फर्जी लायसेंस, जिनमें 10 पिस्टल (32बोर), एक रायफल 315 बोर की पुलिस द्वारा बरामद किए जा चुके हैं। मामले की विवेचना अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक जिले में 6 लोगों के फर्जी लाइसेंस की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक/ पुलिस अधीक्षक भिण्ड डॉ. असित यादव के निर्देशन में सायबर टीम ने नेटग्रिड का उपयोग कर उक्त सभी लाइसेंस को शस्त्र लाइसेंस अभिलेख एवं ऑनलाईन पोर्टल पर चैक किए गए तो रिकार्ड नहीं मिला। ग्वालियर चंबल क्षेत्र सहित मप्र, उप्र, जम्मू आदि स्थानों में कुछ अज्ञात व्यक्तियों/ गिरोह द्वारा पेनकार्ड, आधार कार्ड, फोटो आदि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर ऑनलाईन फर्जी लाइसेंस पाए गए। उक्त लाइसेंसों पर क्यूआर कोड एवं कार्यालय जिला अधिकारी भिण्ड का नाम अकिंत पाया गया, परंतु उक्त लाइसेंस ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज नहीं पाए गए। उक्त रिपोर्ट पर से थाना देहात में 6 आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्र.24/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया था।
उक्त अपराध की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने विशेष तकनीकी टीम को एसडीओपी अटेर रविन्द्र वास्कले के मागदर्शन में कार्रवाई हेतु नियुक्त किया। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा विवेचना कर अब तक 13 लोगों को गिर तार किया गया है, जिसमें कुछ कलेक्ट्रेट आ र्स शाखा के कर्मचारियों के संगठित रूप से फर्जी लायसेंस बनाए गए थे, जिसमें आर्म्स शाखा के 2 कर्मचारी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया एवं अन्य कर्मचारियों भी जांच की जा रही है तथा 5 गिर तार आरोपी वो है जिनके द्वारा स्वंय के एवं परिवारजनों के फर्जी लांसेंस बनवाए गए हैं। इस प्रकार कुल 11 फर्जी लांसेंस, जिनमें 10 पिस्टल (32बोर), एक रायफल 315 बोर की पुलिस द्वारा बरामद हो चुकी है। विशेष पुलिस टीम द्वारा फर्जी लाइसेंस बनाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर बनाए गए फर्जी लाइसेंस गय हथियारों बरामद करने में सफलता प्राप्त हुई है। उक्त अपराध की विवेचना जारी है। बुधवार को थाना लहार क्षेत्र के रहने वाले 2 आरोपियों को इसी अपराध में गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से एक रायफल 315 बोर तथा एक 32 बोर पिस्टल जप्त की गई है। इस कार्रवाई में एसडीओपी अटेर रविन्द्र वास्कले, निरीक्षक सतेन्द्र राजपूत एवं शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अतुल भदौरिया, वैभव तोमर, अरविन्द्र सिकरवार, बलराम यादव, सउनि सत्यवीर सिंह, प्रधान आरक्षण प्रमोद पाराशर, सतेन्द्र यादव, त्रिवेन्द्र सिंह, आरक्षक विकास यादव की सराहनीय भूमिका रही।


