– गोहद की गलियों से विश्वविद्यालय तक का सफर
भिण्ड, 07 अप्रैल। गोहद की माटी एक बार फिर अपनी प्रतिभा पर इतराई है, खटीक मोहल्ला में जन्मे डॉ. कुमार संजीव ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कार्यकारी परिषद (ईसी) सदस्य के रूप में जगह बनाई है।
डॉ. संजीव की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी शिक्षा-दीक्षा की नींव गोहद की साधारण गलियों से ही पड़ी। उन्होंने प्राथमिक से लेकर इंटर मीडिएट तक की पढ़ाई यहीं से पूरी की। उनके पिता रामस्वरूप आर्य गोहद के बालक उमावि में अंग्रेजी के व्याख्याता रहे और उन्हें शिक्षा और अनुशासन के संस्कार दिए। बचपन से ही मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे डॉ. कुमार संजीव ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहर की सीमाएं बड़े सपनों को रोक नहीं सकतीं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गोहद क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
नगर वासियों ने डॉ. संजीव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह नई जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के विकास में अहम भूमिका निभाएगी और क्षेत्र का नाम और ऊंचा करेगी। डॉ. कुमार संजीव के कार्यपरिषद सदस्य मनोनयन पर जितेन्द्र गुप्ता, पवन गुप्ता, डॉ. बीरेन्द्र गुप्ता, मोहन गुप्ता, इंसाफ अहमद कुरैशी, विष्णु गुप्ता, अनिल अग्रवाल, गिर्राज निगोतीय, संदीप जोशी, गोविन्द शुक्ला, श्याम बाजपेयी, धर्मेन्द्र पाण्डे, धर्मेन्द्र दुबे, निसार मोहम्मद, रामकुमार भटेले, मनीष मुदगल, पिंकी गुर्जर, मनीष दीक्षित, सुशील श्रीवास्तव, रामसेवक दिनकर, डॉ. रामचित्र, धर्मेन्द्र भदौरिया, दीपक गुप्ता, विजय शर्मा, चेतन शर्मा, संजय बदिल आदि ने बधाई दी है।
इनका कहना है:
”डॉ. कुमार संजीव प्रारंभ से ही एक कुशाग्र बुद्धि और संवेदनशील सामाजिक समरसता की भावनाओं को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा में 1987-88 के बैच में वे शा. उमावि गोहद में अध्यनरत थे। बाल्यकाल में ही उनके अंदर समाज और राष्ट्र के प्रति प्रति समर्पण और सहयोग के चिन्ह विद्यमान थे। डॉ. कुमार संजीव को बधाई। विश्वास है कि कार्य परिषद में आने पर आप शिक्षा की दिशा और दशा को बदलने के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करेंगे।
ओमप्रकाश दीक्षित, अध्यक्ष सेवार्थ जन कल्याण समिति ग्वालियर


