भिण्ड, 06 अप्रैल। भिण्ड जिले में 4 अप्रैल को आई बेमौसम बारिश, भीषण ओलावृष्टि, तेज आंधी-तूफान ने किसानों की सालभर की मेहनत को पलभर में तबाह कर दिया। ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस जनों के साथ इस भीषण आपदा से प्रभावित हुए क्षेत्रों में जाकर देखा कि कई गांवों में फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान पहले से ही परेशान हैं और ऐसे में अचानक आई आपदा से किसान पूरी तरह से बर्बाद होकर पूरी तरह से टूट गया है।
बघेल ने कहा कि इस भीषण आपदा में कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, सैकड़ों मकान गिर गए और सबसे दुखद घटना यह है कि कई लोगों की जान चली गई, कई लोग घायल होकर जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। देहगांव, गोहद, लहार, मौ, गंगापुरा सहित पूरा जिला इस आपदा से कराह रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज में डूबा है, फसल बर्बाद हो गई और ऊपर से सरकार की सख्ती, उपार्जन की तारीखों में बार-बार बदलाव और 31 मार्च तक ऋण वसूली का दबाव किसानों को और तोड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान नष्ट हुई फसलों और गिरे मकानों से दुखी परेशान है, तो वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, मंत्री, सांसद, विधायक और नेतागण किसानों के आंसू पूछने के बजाय भिण्ड जिले में भाजपा के नवीन कार्यालय का भूमि पूजन कर उत्सव मनाने में मस्त हैं। यह सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं की संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है, सत्ता के मद में चूर भाजपा नेताओं को जरूर विचार करना चाहिए था कि पहले पीड़ित किसानों के बीच जाकर ढांढस बधाते और सरकार से हर संभव मदद दिलाकर आंसू पोछने का काम करना चाहिए था, न कि जश्न मनाना चाहिए, क्योंकि संवेदना पहले होनी चाहिए थीं, पार्टी का उत्सव बाद में भी मनाया जा सकता सकता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी हर लड़ाई में साथ देगी।
Monday, April 6
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