भिण्ड, 01 मार्च.मनीष दुबे। मेडिशन एवं सुलह अभियान 2.0 के अंतर्गत जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीशगण हेतु राज्य स्तरीय रेफरल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय चरण 28 फरवरी को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील विधिक सेवा समिति लहार, गोहद, मेहगांव के न्यायिक अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया गया। प्रशिक्षण सत्र ऑनलाइन माध्यम से श्रीमती गिरिबाला सिंह पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम भोपाल एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा संचालित किए गए।
प्रशिक्षण सत्रों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रभावी रेफरल ही सफल मध्यस्थता प्रणाली की आधारशिला है। समय पर एवं सुविचारित रेफरल से न केवल सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना बढ़ती है, बल्कि न्यायालयों का बहुमूल्य समय भी बचता है, पक्षकारों के मध्य वैमनस्य में कमी आती है तथा न्याय वितरण प्रणाली के प्रति जन-विश्वास सुदृढ़ होता है। न्यायिक अधिकारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की पहचान करने के लिए संवेदनशील बनाया गया, ताकि विवाद अनावश्यक रूप से लंबित एवं विवादास्पद न बनें।
सदस्य सचिव मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के 622 न्यायिक अधिकारियों के अतिरिक्त 285 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता संचालित करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है, जिससे छोटे-छोटे विवाद समुदाय स्तर पर ही सुलझाए जा सकें और न्यायालयों तक न पहुंचें। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 45 एडीआर केन्द्र तथा तहसील स्तर पर कार्यरत 102 तहसील मध्यस्थता केन्द्र सक्रिय रूप से मध्यस्थता को प्रोत्साहित कर रहे हैं, तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों और न्यायालयों में लंबित वादों, दोनों को ही प्रारंभिक स्तर पर चिन्हित कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया जा रहा है, जिससे विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रभावी रेफरल से मध्यस्थता केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था न रहकर, बल्कि विवाद निस्तारण का एक प्राथमिक एवं सार्थक माध्यम बन सकती है।
Monday, April 6
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