भिण्ड, 01 मार्च। दबोह नगर में रविवार कह सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दबोह थाने परिसर में खड़ी एक ट्रेवलर बस अचानक अनियंत्रित होकर थाने के बाहर मुख्य मार्ग पर बनी सार्वजनिक पानी की टंकी से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वर्षों पुरानी मजबूत पानी की टंकी मौके पर ही धराशायी हो गई। वहीं पास में लगा विद्युत पोल भी टूटकर नीचे गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस समय आस-पास अधिक भीड़ नहीं थी, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस हादसे में ट्रेवलर बस चालक छोटू यादव के पैर में गंभीर चोट आई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह 8:20 हुआ। यात्री बसों के पास खड़े थे और कुछ ही दूरी पर दुकानें भी खुल चुकी थीं। अचानक पोल गिरने से एक महिला यात्री भी बाल बाल बचती नजर आई और अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बैसे दबोह थाने के पास ही वर्षों पुराना बस स्टैण्ड बना हुआ है जहां दिनभर भीड़ भाड़ रहती है। लेकिन आज रविवार का दिन होने की वजह से सभी शिक्षण संस्थाए बंद होने की वजह से आवागमन कम था, नहीं तो आज नगर में बहुत बड़ी त्रासती घट सकती थी। वहीं थाने के बाहर लगी यह सार्वजनिक पानी की टंकी वर्षों से यात्रियों और राहगीरों की प्यास बुझा रही थी। बसों के इंतजार में खड़े सैकड़ों यात्रियों के लिए यह एकमात्र सहारा थी। टंकी टूटने के बाद अब यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में यह टंकी यात्रियों के लिए वरदान साबित होती थी।
नगर में नहीं है स्थाई बस स्टैंड
नगर में वर्षों से बसों का अस्थाई स्टैण्ड थाने के सामने मुख्य मार्ग पर ही संचालित हो रहा है। स्लीपर बसें और अन्य यात्री वाहन रोजाना घण्टों बीच सड़क पर खड़े रहते हैं। जिन पर स्थानीय प्रशासन की कोई रोक टोक नहीं है। यात्री बसें रोजाना व्यापारियों की दुकानों के सामने ही खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे न केवल जाम की स्थिति बनती है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना घण्टों जाम लगता है पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। छोटे-बड़े हादसे आए दिन होते रहते हैं। लोगों का कहना है कि नगर में व्यवस्थित बस स्टैण्ड न होने के कारण मुख्य बाजार और थाने के सामने का मार्ग ही अस्थायी बस स्टैण्ड में तब्दील हो गया है। सुबह से देर रात तक स्लीपर बसें और अन्य यात्री वाहन बीच सड़क पर खड़े रहते है।
पूरे मामले को लेकर थाना प्रभारी दबोह राजेश शर्मा ने बस ऑपरेटरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा हादसा होते-होते बचा है, जिसमें कई जानें जा सकती थीं। थाना प्रभारी ने बताया कि थाने के सामने से रोजाना शासकीय एवं निजी स्कूलों के बच्चे भी निकलते हैं। सौभाग्य से घटना रविवार को हुई, अन्यथा स्कूल दिवस पर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर परिषद जल्द से जल्द बसों के खड़े होने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करें, ताकि प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में बसों को व्यवस्थित रूप से वहां शिफ्ट कराया जा सके। वहीं नगर परिषद अधिकारी का कहना है कि बस स्टैण्ड छोटा होने से वहां शिफ्ट नहीं हो पा रहीं बसें।
Monday, April 6
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