-बिना अनुमति रैली, जुलूस, आमसभा, चल समारोह इत्यादि पर जनहित में लगाई रोक
भिण्ड, 26 फरवरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भिण्ड किरोड़ीलाल मीणा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत लोकहित में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने आदेश में कहा है कि आगामी दिनों में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर भिण्ड शहर का सामाजिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बिगाडने का प्रयास किया जा सकता है। सामाजिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में बिना अनुमति के कोई कार्यक्रम आयोजित न करने, कलेक्ट्रेट में धारा 163 बीएनएसएस लगाने एवं सोशल मीडिया पर युक्तिगत पाबंद लगाए जाने हेतु कार्यालय पुलिस अधीक्षक जिला भिण्ड द्वारा पत्र प्रेषित किया गया है।
इस दौरान बिना पूर्व अनुमति के कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी प्रतिमा का भूमि पूजन, रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन आदि के आयोजन से कानून व्यवस्था तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म- व्हाट्सएप्प, यू-ट्यूब, फेसबुक के माध्यम से भ्रामक खबरें प्रसारित कर धार्मिक भावनाएं आहत करने का प्रयास किए जाने की संभावना बन सकती है, जिससे जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने के साथ-साथ मानव जीवन एवं लोक संपत्ति की क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है। वर्तमान में होली एवं ईद का त्यौहार भी निकट है। उक्त सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान जिले में शांति एवं सुरक्षा व सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण बनाये रखना आवश्यक है। परिस्थितियों की आकस्मिकता की तुष्टि होती है तथा ऐसी परिस्थितियां विद्यमान है, जिसमें भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश प्रसारित किया जाना अत्यावश्यक है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट किरोड़ीलाल मीणा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163(1) के अंतर्गत 25 फरवरी से 27 मार्च तक के लिए कलेक्ट्रेट परिसर जिला भिण्ड में उक्त सभी आयोजनों के सफलतापूर्वक सम्पन्न कराए जाने, जिससे किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो, को दृष्टिगत रखते हुए लोकहित में कलेक्ट्रेट परिसर की सीमान्तर्गत आदेशित किया है कि कलेक्ट्रेट परिसर सीमान्तर्गत किसी भी प्रतिमा का भूमि पूजन, धरना प्रदर्शन, रैली, जुलूस, आमसभा, चल समारोह इत्यादि का आयोजन सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही किसी भी प्रकार के कट आउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग्स, झंडे, लेखन आदि जिन पर किसी भी धर्म, व्यक्ति, सम्प्रदाय, जाति या समुदाय के विरुद्ध नारे या अन्य भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया हो, का प्रकाशन एवं उसका किसी भी स्थल पर प्रदर्शन तथा सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्विटर आदि) के माध्यम से पोस्ट करना एवं उसे फारवर्ड करना प्रतिबंधित रहेगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।


