भिण्ड, 26 फरवरी। शासकीय महाविद्यालय आलमपुर में राष्ट्रीय काव्य धारा आंदोलन विषय पर 27 एवं 28 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। जिसके उद्घाटन सत्र में कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, अतिरिक्त संचालक ग्वालियर-चंबल संभाग एवं कलेक्टर जिला भिण्ड मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
संगोष्ठी में जेएनयू, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं पंजाब विश्वविद्यालय सहित चार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक वक्तव्य देने आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन के दौरान देश प्रेम, मातृभूमि प्रेम, सामाजिक चेतना, गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के प्रति प्रेरित करने वाला यह काव्य भारतीय इतिहास की धरोहर है। इस समय के कवियों ने अपनी लेखनी से देश के युवा वर्ग, महिलाओं, बच्चों, नौकरी पेशा वालों को आजादी के लिए प्रेरित किया। दो दिन में आठ सत्रों में राष्ट्रीय काव्य धारा पर व्याख्यान होंगे एवं शोध पत्र प्रस्तुत होंगे। इसमें प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। शासकीय महाविद्यालय आलमपुर में 2003-4 के बाद यह पहला अवसर है, जब महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। ऑनलाइन सेमिनार तो कई होते रहते हैं। लेकिन ऑफलाइन सेमिनार 2003 के बाद पहली बार हो रहा है।
Monday, April 6
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