ग्वालियर, 22 फरवरी। पशुपालन के माध्यम से रोजगार से जुड़ने वाले युवाओं को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। ऐसे युवाओं को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ शासन का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत अनेक युवकों ने पशुपालन से जुड़कर न केवल अपने आपको आत्मनिर्भर बनाया बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर दिखाया है। सहीं समय पर मदद और दिशा मिल जाए तो व्यक्ति अपनी सपनों की मंजिल पा सकता है।
ऐसा ही हुआ निखिल श्रीवास्तव के साथ, निखिल के पिता खेती करते थे और घर में दो तीन पालतू पशु थे। जिससे 40 से 50 हजार रुपए कमाई होती थी। निखिल भी प्राइवेट जॉब करते थे, निखिल की इच्छा थी कि उनका खुद का डेयरी प्लांट हो, चूंकि घर में इतने पैसे नहीं थे कि वह डेयरी प्लांट लगा सकें। ऐसे में उन्हें पीएमएफएमई (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना) योजना की जानकारी मिले, इस योजना से उन्हें 10 लाख रुपए का लोन मिला। इस लोन से उन्होंने खुद का डेयरी प्लांट लगाया साथ ही 11 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है, जो कि उनके यहां कार्य करते हैं। अब उनकी कमाई बढ़कर 2 लाख रुपए हो गई है।
निखिल श्रीवास्तव बताते हैं कि उनके पिता का नाम चांदविहारी श्रीवास्तव है जो कि ग्राम जमाहर में निवास करते हैं। गांव में ही उनकी पैतक जमीन है जिस पर पारंपरिक खेती होती है। उनके घर पर दो तीन पालतू पशु थे, जिनका दूध वह मार्केट में ग्रामीणों की मदद से बेचते थे। इससे उन्हें दूध की सही कीमत नहीं मिल पाती थी। वह चाहते थे कि उनकी स्वयं की डेयरी प्लांट हो जिससे वह अपने घर और ग्रामीण का दूध एकत्रित कर उससे व्यवसाय कर सकें। चूंकि परिवार आर्थिक रूप से सपंन्न नहीं थी, इसके कारण वह अपनी व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच पुरानी छावनी से पीएमएफएमई योजना से 10 लाख रुपए का लोन लिया। इस लोन से उन्होंने मशीनें खरीदी और स्वयं की डेयरी उत्पाद का कार्य प्रारंभ किया है।
ऑनलाइन बेचते हैं उत्पाद
निखिल श्रीवास्तव बताते हैं कि उन्होंने सुभधन डेयरी खोली है, यहां पर वह दूध, पनीर, घी, दही इत्यादि बनाते हैं। इसे वह ऑनलाइन सप्लाई करते हैं। साथ ही क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से सप्लाई करते हैं। इस लोन से उन्होंने डेयरी के लिए पास्टररिजर का उपयोग कर मिल्क पस्टेयरीजिंग के लिए बायलर, पैकिंग मशीनें खरीदी हैं।
11 लोगों को मिला रोजगार
निखिल श्रीवास्तव बताते हैं कि उनकी डेयरी पर 5 व्यक्ति डिलीवरी के लिए, 2 लोग सफाई के लिए, 2 महिलाएं घी उत्पादन के लिए 2 व्यक्ति ऑपरेटर एवं प्रोडक्शन यूनिट के लिए कार्य कर रहे हैं।
Wednesday, June 24
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