भिण्ड, 21 फरवरी। भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवायएम) संचालित की जा रही है। यह योजना श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के अंतर्गत ऐसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है, मासिक आय 15 हजार रुपए तक है तथा जो आयकरदाता नहीं हैं और ईपीएफओ (पीएफ), ईएसआईसी या एनपीएस के सदस्य नहीं हैं, वे इस योजना के लिए अपना पंजीयन करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में लाभार्थी को आयु अनुसार 55 रुपए से 200 रुपए तक मासिक अंशदान करना होता है। लाभार्थी द्वारा जमा की गई राशि के बराबर अंशदान केन्द्र सरकार द्वारा भी योगदान के रूप में किया जाता है। योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को न्यूनतम 3 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है। वहीं लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में उनके जीवनसाथी को पेंशन की 50 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में देय होती है। योजना में पंजीयन की सुविधा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) एवं एमपी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है।
श्रम पदाधिकारी भिण्ड ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने भविष्य को सुरक्षित करें। अधिक जानकारी के लिए श्रमिक नजदीकी सीएससी केन्द्र या श्रम कार्यालय भिण्ड, मालनुपर में संपर्क कर सकते हैं।
Tuesday, September 29
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