भिण्ड, 18 फरवरी। भारतीय किसान संघ तहसील अटेर के अध्यक्ष गंभीर सिंह भदौरिया के नेतृत्व में किसानों की समस्याओं को लेकर एसडीएम अटेर का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।
किसानों की मांग है कि अटल एक्सप्रेस वे को पूर्व निर्धारित चंबल के बीहड़ों से ही निकाली जाए, यदि किसानों के खेतों से निकाली जाती है तो आठ गुना मुआवजा दिया जाए, वरना पुन: आंदोलन करने को किसान मजबूर होंगे। बंदोबस्त के समय अधिकांश गांवों के नक्शे खराब कर दिए हैं, नक्शा सुधार के आवेदन चार चार साल से लंबित हैं, किसान एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो जाते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। इसलिए सरकार किसानों के प्रति सहानुभूति रखकर नक्शे दुबारा बनवाएं, शेरवदे माता मन्दिर जो केन्द्र सरकार के पुरातत्व विभाग के अधीन है, इस स्थान को धार्मिक पर्यटक के रूप में विकसित किया जाए, दद्दा के कुआं से मन्दिर होते हुए खैराट गांव होकर अटेर के लिए सड़क जो पूर्व में स्वीकृत थी, कुछ काम भी हुआ, पुन: सड़क का कार्य शुरू किया जाए। गौचर, मन्दिर, तालाबों की भूमि, सरकारी भूमियों से अतिक्रमण हटाकर गौ अभ्यारण खोला जाए। कनैरा योजना, अटेर का चंबल पुल शीघ्र चालू किया जाए। जब तक पुल चालू नहीं होता, पीपों वाला पुल चालू किया जाए। अटेर को नगर परिषद का दर्जा दिया जाए। ज्ञापन देने वालों जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह कुशवाह, रामकरन भदौरिया, रामसेवक मिश्रा, विजय शर्मा, राजू भटेले, लक्ष्मण सिंह नरवरिया, दिनेश भदौरिया, रामचन्द्र भदौरिया, यतीन्द्र गुर्जर सहित सैकड़ों किसान शामिल हुए।
Thursday, October 1
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण


