– राकेश अचल
हमारे पड़ौस में बांग्लादेश है और वहां की राजनीति में एक नई सुबह का तारा उगता नजर आ रह है। इस तारे का नाम है तारिक रहमान। बांग्लादेश का भावी प्रधानमंत्री। यथा नाम तथा काम। तारिक एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ होता है दस्तक देने वाला। दरवाजा खटखटाने वाला। तारिक को अधिक लाक्षणिक रूप से ‘सुबह का तारा’ या रात का आगंतुक भी कहा जाता है।
बांग्लादेश में दो साल पहले 5 अगस्त 2024 को हुए हिंसक तख्ता पलट के बाद बीते रोज हुए आम चुनाव के नतीजे बता रहे हैं कि बीएनपी के प्रमुख तारिक रहमान ही बांग्लादेश के नये प्रधानमंत्री होंगे। बांग्लादेश के इस उभरते सितारे के बारे में जा लेना जरूरी है क्योंकि आने वाले दिनों में भारत को तारिक रहमान के साथ ही रिश्ते निभाना है। एशिया में खानदानी यानि परिवारवाद की राजनीति का नया सितारा हैं तारिक रहमान। 65 साल के तारिक की मां खालिदा जिया के सुपुत्र तारिक पिछले 17 साल से बीएनपी यानि बांग्लादेश नेशनिलिस्ट पार्टी के प्रमुख हैं। हालांकि वे पहले कार्यवाहक थे, लेकिन पिछले दिनों खालिदा जिया के निधन के बाद वे पार्टी के सर्वे सर्वा हो गए। तारिक के पिता जियाउर्रहमान भी बांग्लादेश के 7वें राष्ट्रपति रहे।
तारिक मियां ने 2008 में तत्कालीन आम चुनाव में अवामी लीग की प्रचण्ड जीत के बाद देश छोड़ दिया था, और अपनी जान बचाने के लिए लंदन जा बसे थे। क्योंकि उन्हे भी अदावत की राजनीति का शिकार बनाया जा सकता था। मुमकिन था कि वे भी अपनी मां की तरह ताउम्र जेल में पड़े होते। चूंकि तारिक अपनी मां के प्रधानमंत्री काल में सुपर प्रधानमंत्री थे, इसलिए बाद में शेख हसीना सरकार ने उनके ऊपर भ्रष्टाचार, घूसखोरी मनी लाउंड्रिंग समेत अनेक आरोपों में 84 मुकदमों में फंसाकर सजा सुना दी थी। इसलिए उनका भागना जरूरी था।
शेख हसीना की सरकार के तख्ता पलट के बाद तारिक के ऊपर से सभी आपराधिक मामले हटा लिए गए। गत वर्ष ही वे स्वदेश लौटे और देश की जनता ने उन्हे हाथोंहाथ लिया। तारिक जिस दशा में 2008 में थे आज वही हाल बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का है। वे दो साल से भारत में शरण लिए हैं। बांग्लादेश में उन्हें सजा ए मौत सुनाई जा चुकी है। तारिक रहमान ने पहली बार संसदीय चुनाव में बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने खुद भी पहली बार इस चुनाव में हिस्सा लिया।
ये आलेख लिखें जाने तक बांग्लादेश आम चुनाव 2026 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, जो अब नेशनल संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनी। बीएनपी ने 300 सदस्यीय संसद में लगभग 151 सीटें जीत ली हैं, और बहुमत के लक्ष्य को पार कर लिया है। तारिक के नेतृत्व में बीएनपी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। इस जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जब शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को चुनाव में हिस्सा नहीं लेने दिया गया।
भारत के साथ संबंधों को लेकर भी तारिक रहमान पर सभी की नजरें हैं। क्योंकि पिछले दो साल से बांग्लादेश में मौजूदा मोहम्मद यूनुस की सरकार के रहते भारत विरोधी माहौल बना है। बांग्लादेश अचानक चीन के नजदीक पहुंच गया है। इस बीच भारत ने भी भविष्य को देखते हुए बांग्लादेश से निककटता बढ़ाने की कोशिश की है। हाल ही में जब तारिक रहमान की मां खालिदा जिया का निधन हुआ था, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक संवेदना व्यक्त की। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भेजा था।


