भिण्ड, 16 जनवरी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शा. एमजेएस महाविद्यालय भिण्ड में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. आशीष गुप्ता के मार्गदर्शन और निर्देशन में तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक दिवसीय पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य विषय है ‘स्टार्टअप स्थापित करना और कुशल उद्यमी का स्टार्टअप में योगदान’ रखा गया।
इस अवसर पर प्रकोष्ठ प्रभारी एवं एडीआई अहमदाबाद से प्रशिक्षण प्राप्त से प्रो. मोहित कुमार दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि स्टार्टअप हो या बड़ा बिजनेस, वह यदि सही ढंग से रन अप नहीं करता है तो इनोवेशन की कमी के कारण कुछ ही सालों में खत्म हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि फोर्ब्स की सूची में 25 विश्व की कंपनियां शामिल हैं, जिसमें एशियन पेंट केवल भारतीय एक कंपनी विद्यमान है। स्टार्टअप योजना (जैसे भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया) देश में नए व्यवसायों और उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य नवाचार को बढ़ावा देना, रोजगार पैदा करना और आर्थिक विकास को गति देना है, जिसमें स्टार्टअप्स को आसान फाइनेंसिंग, टैक्स छूट, कानूनी सहायता, और त्वरित पेटेंट प्रक्रिया जैसे लाभ दिए जाते हैं, ताकि वे अपने विचारों को सफल व्यवसायों में बदल सकें। स्टार्टअप की सफलता के लिए सबसे पहले एक स्पष्ट और उपयोगी आइडिया होना चाहिए, जो किसी वास्तविक समस्या का समाधान करे। इसके बाद सही मार्केट रिसर्च करके ग्राहक की जरूरतों को समझना जरूरी है। मजबूत टीम, प्रभावी डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता पर ध्यान और टेक्नोलॉजी का सही उपयोग स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ाता है। साथ ही सरकारी योजनाओं, निवेशकों और मेंटरशिप का सहयोग लेकर स्टार्टअप को स्थाई और सफल बनाया जा सकता है। स्टार्टअप और इनोवेशन आज के आधुनिक समाज और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। स्टार्टअप नए विचारों पर आधारित होते हैं, जो समस्याओं के नवाचार पूर्ण समाधान प्रस्तुत करते हैं। इनोवेशन के माध्यम से युवा उद्यमी नई तकनीक, डिजिटल प्लेटफार्म और रचनात्मक सोच का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करते हैं। स्टार्टअप न केवल आर्थिक विकास को गति देते हैं, बल्कि समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करके जीवन स्तर में भी सुधार लाते हैं। सरकारी नीतियों, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं और निवेशकों के सहयोग से इनोवेशन आधारित स्टार्टअप देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाते हैं। स्टार्टअप बिजनेसमैन और कस्टमर की नीड पर टिके होते हैं। एक अच्छे बिजनेसमैन को हमेशा कस्टमर से फीडबैक लेते रहना चाहिए प्रोडक्ट में क्या कमी है उसकी गुणवत्ता क्या कमी है। स्टार्टअप में जीव जीवास्थ जीवनम का भाव भी होना चाहिए। एक जीव अपने जीवन के लिए दूसरे जीव पर निर्भर है, पूरी सोसाइटी को साथ लेकर कम करें स्टार्टअप हमेशा अपनी समाज को साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए और समाज की भलाई के लिए भाव निहित होना चाहिए।
यह कार्यशाला ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों मॉड में आयोजित की गई, जिसमें शासकीय महाविद्यालय अटेर से प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने भी स्टार्टअप को शुरू करने और स्टार्टअप से बिजनेस को किस प्रकार से स्थापित किया जा सकता हैं के बारे में बिस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तरी सेशन में विद्यार्थियों के साथ प्रो. मोहित कुमार दुबे ने विचार साझा किया। उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों और समस्याओं का निदान किया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. आभास अस्थाना, डॉ. हेमंत दुबे, डॉ. श्यामजी निगम, बीके मित्तल सहित समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
Saturday, April 11
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