– योजना सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है कांग्रेस को विरोध की वजह तथ्यात्मक बात करनी चाहिए
भिण्ड, 12 जनवरी.मनीष दुबे। मप्र सरकर में कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2025 में किसाना, गरीबों, मजदूरों और विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन की गारंटी ग्रामीण योजना के निमित्त लोकसभा सदन में विल रखा गया, जो कि विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में भारत सरकार का महत्वूपर्ण ऐतिहासिक कदम है। इस योजना के माध्यम से कांग्रेस और विरोध दल जनता के बीच झूठा भ्रम फैलाकर गुमराह कर रही है। जबकि योजना जनहितैषी है। यह बात उन्होंने पत्रकारवार्ता में कही। पत्रकारवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया, पूर्व सांसद डॉ. रामलखन सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. रमेश दुबे मौजूद थे।
कृषि मंत्री कंसाना ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का स मान हो, गरीब जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले, इसलिए यह कानून आया है। विकसित भारत 20247 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह पूरा बिल महात्मा गांधी की भावना के अनरूप है और रामराज्य की स्थापना के लिए लाया जा रहा है। आखिर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को विकसित भारत और भगवान राम के नाम से इतनी नफरत क्यों है? कांग्रेस और विरोध दल कितनी भी साजिश रच लें, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के साथ देष 20247 तक विकसित भारत बनकर रहेगा। कोई भी दुनिया की ताकत नहीं रोक सकती। नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे तो साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले एसटी कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा। मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अब तक 1147 लाख करोड़ खर्च हुए, जिसमें मोदी सरकार ने 853 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था, 1980 में इन्दिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को बदलकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया। जिसे राजीव गांधी ने जवाहर योजना का नाम दिया।
कृषि मंत्री कंसाना ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने मनरेगा में कोई पारदर्शित नहीं थी, अब इसमें रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। जीपीएस और मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और एआई के द्वारा फ्रॉड डिक्टेशन होगा।


