– एसडीएम को दिया ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी
भिण्ड, 12 जनवरी। गौ सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने गायों की समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि गौ माता से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गोहद नगर एवं आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में गौ माताएं सड़कों, चौराहों और गलियों में भूखी-प्यासी भटकने को मजबूर हैं। इससे न केवल गौवंश का जीवन संकट में है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर दुर्घटनाएं होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निराश्रित गोधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नगर की कई गौशालाएं या तो अपर्याप्त हैं या पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिससे गौवंश की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य व पोषण भी बना चिंता का विषय
सड़कों पर घूम रही गौ माताएं बीमार पड़ रही हैं। समय पर पशु चिकित्सा सुविधा और उपचार नहीं मिलने के कारण उनकी मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। वहीं, समाज में गौ सेवा और संरक्षण को लेकर जागरूकता की भी भारी कमी देखी जा रही है। गौ सेवकों और नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं, जिनमें गौशालाओं का संचालन : सभी निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाया जाए तथा क्षेत्र में बंद पड़ी गौशालाओं को पुन: संचालित किया जाए। गौ एंबुलेंस व्यवस्था : घायल व बीमार गौ माताओं को लाने-ले जाने के लिए विशेष गौ एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। पशु चिकित्सा सुविधा : रात्रिकालीन पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए और बीमार गौ माताओं का समय पर इलाज हो। सख्त कानूनी कार्रवाई : गौ माता को कष्ट पहुंचाने वालों एवं गौशालाओं के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। गोहद में स्थायी व्यवस्था : गोहद नगर में घायल और बीमार गौवंश के इलाज व रखरखाव की स्थाई व्यवस्था की जाए।
आंदोलन की चेतावनी गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो सभी गौ सेवक एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि गौ माता की रक्षा हो सके और क्षेत्र में शांति एवं सद्भाव बना रहे। ज्ञापन देने वालों में सौरभ कांधिल, सौरभ खटाना, कान्हा, भूपेन्द्र, अंशु राठौर, लकी, शिवम, गणेश, सचिन आदित्य, मोहित, अभिषेक, देवेन्द्र, प्रशांत, अनुराग, विशाल, सूरज, राहुल, विवेक, अरुण आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।


