– अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार रात्रि में कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठा
भिण्ड, 09 जनवरी.मनीष दुबे।
अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने से परेशान एक परिवार गुरुवार की रात भिण्ड कलेक्ट्रेट परिसर में मासूम बच्ची के साथ धरने पर बैठ गया। परिवार का आरोप है कि जिला अस्पताल में लंबे समय से अल्ट्रासाउंड के लिए स्थाई चिकित्सक की तैनाती नहीं है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, फिर भी उसे संचालन के लिए चिकित्सक तैनात नहीं है। जिसके चलते मरीजों को अस्ट्रासउण्ड की सुबिधा नहीं मिल पा रही है और मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। समाजसेवी वीरेंद्र वर्मा गुरुवार रात करीब 8 बजे अपनी पत्नी ऋतु और डेढ़ साल की मासूम बच्ची गुड़िया के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से वे जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जांच नहीं हो पा रही है। इससे बीमारी की सही जानकारी नहीं मिल पा रही और इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
संतोष नगर निवासी वीरेंद्र वर्मा गुरुवार सुबह 10 बजे फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी समस्या रखी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मजबूरन परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने फिर आरोप लगाए कि अल्ट्रा साउंड मशीन पर चिकित्सक की तैनाती को लेकर प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन गंभीर नहीं है, इस लिए जब तब इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक वह धरना के माध्यम से जनहित में यह मुद्दा उठाते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भिण्ड जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात देने के ढोल पीटे जा रहे हैं, लेकिन अल्ट्रसाउंड मशीन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जिम्मेदार जरा भी गंभीर नहीं हैं। जानकारी लगते ह एडवोकेट सौम्या शर्मा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले को सुना और धरने पर बैठे वीरेंद्र वर्मा से कहा कि रात के समय खुले में बैठने से मासूम बच्ची की तबीयत बिगड़ सकती है। उन्होंने सलाह दी कि धरने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित कर लें। हालांकि युवक अपनी मांग पर अड़ा रहा।


