– ग्रामीण जिला कांग्रेस ने सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई
भिण्ड, 03 जनवरी.मनीष दुबे।
ग्रामीण जिला कांग्रेस कार्यालय पर सावित्रीबाई फुले की कांग्रेस जनों ने जयंती मनाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई को रूढ़िवादी समाज के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, उन्होंने पत्थरबाजी और दुर्व्यवहार सहित शारीरिक और सामाजिक प्रतिघातों को सहन किया।
सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा में हाशिये पर रहने वाले माली समुदाय में हुआ था। उनका विवाह ज्योतिबा फुले से हुआ जिन्होंने उनकी शिक्षा का दायित्व संभाला। महिलाओं के लिए शिक्षा के लिए वर्ष 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल स्थापित किया गया। इस दंपति ने कुल 18 स्कूल शुरू किए और चलाए। उन्होंने दलित समुदाय के उत्थान के लिए नेटिव मेल स्कूल पुणे और सोसाइटी फॉर प्रमोटिंग द एजुकेशन ऑफ महार मंग्स जैसे शैक्षिक ट्रस्टों की शुरुआत की। वर्ष 1863 में ज्योतिराव और सावित्रीबाई ने बाल हत्या प्रतिबंधक गृह की स्थापना की, जो कन्या भ्रूण हत्या का मुकाबला करने और गर्भवती ब्राह्मण विधवाओं और बलात्कार पीड़ितों की सहायता के लिए भारत का पहला गृह था।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष महेश जाटव, रामरतन सिंह यादव दाऊ, सेवादल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, रामस्वरूप गोयल, इरशाद अहमद, रहीस खान, विश्वनाथ प्रताप सिंह एडवोकेट, राजवीर खन्ना, अशोक बघेल उर्फ भूरे, राहुल सिंह कुशवाह, सुनील शर्मा, अजमेर सिंह नरवरिया, नीरज जैन, अंकित तोमर, सोनाले मिश्रा आदि उपस्थित रहे।


