भिण्ड, 27 दिसम्बर.मनीष दुबे।
विद्यावती पब्लिक सेंट्रल स्कूल भिण्ड में 28 एवं 29 दिसंबर को ‘आर्ट-ओ-पीडिया’ नामक एक भव्य, रचनात्मक एवं अनूठे सांस्कृतिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह संपूर्ण आयोजन बच्चों एवं उनके शिक्षकों द्वारा मिलकर पूर्ण रूप से तैयार किया गया है, जो इसे एक विशेष पहचान प्रदान करता है। इस मेले का शुभारंभ दोपहर तीन बजे हवन-पूजन के साथ किया जाएगा एवं यह आयोजन शाम 6 बजे तक संपन्न होगा। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील है कि वे निर्धारित समय का विशेष रूप से पालन करें, जिससे बच्चों की सुरक्षा, सुविधा एवं आयोजन की सुव्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस आयोजन में बच्चों द्वारा भारत के पांच राज्यों की संस्कृति, परंपराएं एवं मूल्यों को ग्रामीण परिवेश में लालटेन की रोशनी के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। बच्चे रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए वहां की संस्कृति, लोकजीवन, परिधान, बाजार एवं जीवन-शैली को प्रदर्शित करेंगे। साथ ही विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य भी बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।
विद्यालय संचालक अमित दुबे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें सांस्कृतिक बोध, रचनात्मकता और आत्मविश्वास से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर अभिभावक वार्षिक समारोहों में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले पाते, परंतु इस प्रकार के आयोजनों में विद्यालय का निरंतर प्रयास रहता है कि अभिभावकों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो। इसी क्रम में इस मेले में अभिभावकों के लिए आर्ट एवं पेंटिंग की विशेष आर्ट एग्जीबिशन भी लगाई गई है, जहां अभिभावक स्वयं अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। साथ ही विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिनका आनंद अभिभावक कूपन के माध्यम से ले सकेंगे।
इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर को विशेष रूप से हाईलाइट किया गया है, जहां बच्चों एवं शिक्षकों द्वारा शिकारा एवं झील का आकर्षक सांकेतिक मॉडल तैयार किया गया है। संपूर्ण मेला रात्रिकालीन ग्रामीण परिवेश में लालटेन की रोशनी के साथ आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त ऊंट की सवारी, टॉय ट्रेन तथा हमारे विलुप्त होते जा रहे पारंपरिक खेल जैसे गुट्टा, चिया, अष्टचिंगा, लंगड़ी आदि भी बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा देश की खुशहाली हेतु बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करने के लिए एक विशेष स्थल भी बनाया गया है, जहां अतिथि एवं अभिभावक श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। विभिन्न राज्यों के पारंपरिक परिधानों एवं बाजारों की झलक भी इस आयोजन की विशेष आकर्षण होंगी।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह आयोजन यह दर्शाता है कि बच्चे केवल फिल्मी या विदेशी संस्कृति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारत की विविधता में एकता को समझते हुए अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक उत्कृष्ट वार्षिक आयोजन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक समझ एवं भारतीय मूल्यों के प्रति गहरा जुड़ाव विकसित होता है।


