– सरकार व अफसरों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
भिण्ड, 24 दिसम्बर। पीएमश्री एमजेएस महाविद्यालय के कैम्पस में सीएम राइज स्कूल बनाए जाने को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब हाईकोर्ट की सख्त निगरानी में आ गया है। ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल खण्डपीठ ने इस मामले में मप्र सरकार सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ जिसमें न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति अनिल वर्मा शामिल हैं, ने छात्र नेता विपिन सिंह यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने मप्र सरकार, उच्च शिक्षा आयुक्त, चंबल संभाग आयुक्त, पीएमश्री एमजेएस कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य संबंधित विभागों और अधिकारियों को नोटिस तामील कराते हुए मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।याचिका में प्रमुख रूप से कॉलेज कैम्पस में उपलब्ध खेल मैदान और पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया है। आरोप है कि लॉ कॉलेज और प्रस्तावित सीएम राइज स्कूल की बिल्डिंग आस-पास बनाए जाने से यहां छात्रों के लिए पर्याप्त खेल मैदान और पार्किंग नहीं है। जबकि नियमानुसार प्रत्येक शैक्षणिक संस्था के लिए अलग-अलग खेल और पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने निर्माण को नियम विरुद्ध बताया है।
एक ही सर्वे नंबर की भूमि पर दो निर्माण
याचिका में कहा गया है कि कॉलेज परिसर की सर्वे क्र.2751/1 की कुल 3.261 हेक्टेयर भूमि जो राजस्व भू-अभिलेखों में सिंधिया कॉलेज के नाम से दर्ज है, उसी भूमि पर सीएम राइज स्कूल और लॉ कॉलेज के निर्माण से संबंधित गतिविधियां की जा रही हैं। इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए पूरा ब्यौरा कोर्ट के समक्ष रखने की मांग की गई है।
बिना एनओसी शुरू हुआ निर्माण कार्य
पीएमश्री एमजेएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामअवधेश शर्मा ने बताया कि सीएम राइज स्कूल का निर्माण उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन ऐसा नही हुआ। एनओसी प्राप्त किए बिना ही निर्माण शुरू कर दिया गया। प्राचार्य ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए उच्च शिक्षा विभाग से पत्राचार किया था। इसके साथ ही उन्होंने चंबल संभाग आयुक्त को भी निर्माण रोकने के लिए प्रतिवेदन सौंपा था।
भूमि आवंटन पर उठे सवाल
बताया गया है कि तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कॉलेज कैम्पस की सर्वे क्र.2751/1 की भूमि को सीएम राइज स्कूल निर्माण के लिए शिक्षा विभाग को आवंटित कर दिया था। इसके बाद आनन-फानन में एमपी पुलिस हाउसिंग बोर्ड को टेंडर जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया। इस निर्णय के खिलाफ कॉलेज प्रशासन और छात्र संगठनों में नाराजगी देखी गई।
छात्र आंदोलन और तालाबंदी
भूमि आवंटन और निर्माण कार्य के विरोध में छात्र नेताओं ने जोरदार आंदोलन किया था। एमजेएस कॉलेज परिसर में तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराया गया। छात्र नेता विपिन उर्फ सोनू यादव ने प्रशासनिक आदेश को चुनौती देते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट की खण्डपीठ में जनहित याचिका दायर की, जिसके बाद मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा।
चार सप्ताह में जवाब तलब
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर खेल मैदान, पार्किंग, भूमि उपयोग और निर्माण की वैधानिक स्थिति को लेकर स्पष्ट जवाब देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अगली सुनवाई में यह तय होगा कि पीएमश्री एमजेएस कॉलेज परिसर में सीएम राइज स्कूल का निर्माण नियमों के अनुरूप है या नहीं। फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से कॉलेज प्रशासन, छात्र संगठनों और जिला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है और शिक्षा परिसरों में भूमि उपयोग व नियमों के पालन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।


