भिण्ड, 15 दिसम्बर। मनीष दुबे
भारतीय युवा शक्ति संगठन प्रदेश सचिव डॉ. युगल सिंह चूड़ावत भिण्ड शहर में आए दिन लग रहे जाम को देखते हुए शासन एवं प्रशासन की इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया है।
डॉ. चूड़ावती ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि 28 मई 1948 में बने मध्य प्रदेश के 16 जिलों के रूप में भिण्ड का गठन हुआ, जिसे एक नवंबर 1956 में नए राज्य का दर्जा मिलने बाद से आज तक विकास व युवा पीढ़ी हमेशा ही उपेक्षा का शिकार होता आ रहा है। जब कि जिले ने मप्र को हमेशा मंत्री दिए व देश सेवा में भी भिण्ड के युवाओं का विशेष योगदान रहा है। फिर भी शासन-प्रशासन द्वारा भिण्ड जिला व युवा पीढ़ी हमेशा ही उपेक्षा का शिकार होता रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण 4 अगस्त 1994 को मोटर अधिनियम के तहत ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगना, जिससे आए दिन बाजार में जाम की स्थति बनी रहती है। जाम से जल्दी में निकलने के चलते गाड़ियों को सही दिशा में न चलाने के चलते कई बार दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं, जिसमें युवा पीढ़ी ही अधिक शिकार होती है। डॉ. चूड़ावत ने संगठन के माध्यम से शासन प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या पर जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाए।


