– कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम देंगे ज्ञापन
भिण्ड, 15 दिसम्बर। सीटू श्रमिकों कर्मचारियों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई से लेकर सड़कों पर निरंतर आंदोलन करता है, कभी भी शासन-प्रशासन या कारखानों के प्रबंधकों से चेंबर्स में समझौता करने की जगह मजदूरों के बीच बैठकर समझौता किए हैं। यह बात विद्यालयीन शिक्षक संघ के ग्वालियर चंबल संभाग के संयोजक पुरषोत्तम श्रीवास ने सदर बाजार भिण्ड में भवन निर्माण श्रमिकों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस सीटू का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक विशाखापट्टनम में आयोजित किया जा रहा है। सीटू की केन्द्रीय कमेटी ने 15 दिसंबर को सीटू के सदस्यों से कार्य स्थलों पर राष्ट्रीय सम्मेलन का संदेश देने के लिए ध्वजारोहण का आह्वान किया था। सीटू झंडा यूनियन के अध्यक्ष नरेश भटनागर ने कहा कि सीटू ने ही मेहनतकशों की एकता बनाने के लिए देश के 10 राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों एक मंघ पर लाने का सर्वोत्तम काम किया है। मजदूरों कर्मचारियों को गुलाम बनाने वाली 4 लेवर कोड का विरोध कर रहा है।
सीटू के जिला अध्यक्ष विनोद सुमन ने पुरानी कृषि उपज मण्डी में ध्वजा रोहण करते हुए कहा कि सीटू का राष्ट्रीय सम्मेलन श्रमिक आंदोलन को एक नई दिशा देगा, 4 लेवर कोड श्रमिकों कर्मचारियों को गुलाम बनाने वाले हैं, इनके विरोध में 16 दिसंबर को संयुक्त ट्रेंड यूनियन्स मंच देश के समस्त जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर 4 लेवर कोड कानून वापिस लेने की मांग की जाएगी। भिण्ड जिलाधीश कार्यालय पर दोपहर एक बजे प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्र जो किराये के मकान में चल रहे हैं, उन्हें पिछले 7 महा से भवन भाड़ा नहीं मिला है, आशा, ऊषा सयोगिनी को पिछले 4 माह से पारिश्रमिक नहीं मिला है। इन समस्याओं को लेकर जिलाधीश कार्यालय पर 16 दिसंबर को प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में सीटू जिला महासचिव अनिल दौनेरिया, डॉ. नदीम खान, नरेश भटनागर, गिरदावल सिंह, नबाब सिंह, जनार्दन रेड्डी महेश आदि उपस्थित रहे।


