– एडीपीसी दूरवार पर सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप
– पूर्व कलेक्टर द्वारा जांच शुरू किए जाने के बावजूद पद पर बने रहने का खुलासा
📝पण्डित दीपक चौधरी 📞9826231755
भिण्ड, 18 नवम्बर। जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें एडीपीसी संजीव दूरवार पर उनकी नियुक्ति से लेकर विभागीय भुगतानों तक में गंभीर अनियमितताओं के 14 सूत्रीय आरोप लगे हैं। एक शिकायती पत्र के माध्यम से इन घोटालों का खुलासा किया गया है, जिसमें जांच की मांग की गई है। पर मजे की बात यह है कि उक्त एडीपीसी को निवार्चन कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार दूरवार पर सबसे गंभीर आरोप उनकी नियुक्ति को लेकर ही है। आरोप है कि उनकी एडीपीसी पद पर नियुक्ति कलेक्टर भिण्ड के अनुमोदन के आधार पर होनी थी, लेकिन उन्होंने बिना किसी अनुमोदन के, स्वयं ही फर्जी तरीके से अपनी नियुक्ति ले ली।
फर्जी बिलों और निजी खातों में लाखों का गबन
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि दूरवार ने अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय योजनाओं के फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया। फर्जी बिल: स्कूलों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के फर्जी बिल प्रस्तुत कर सरकारी धन को हानि पहुंचाई गई। निजी ढाबे के बिल: अपना सिंह ढाबा मेला ग्राउण्ड के नाम से लाखों रुपए के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान प्राप्त किया गया, जबकि ढाबे द्वारा कथित तौर पर इतनी राशि की खाद्य सामग्री की खरीदी ही नहीं की गई। स्वयं के खाते में भुगतान: सबसे संगीन आरोपों में से एक यह है कि दूरवार ने बिना किसी नोटशीट और बिल के लाखों रुपयों का भुगतान किया और भ्रमण के नाम पर लाखों रुपये स्वयं अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। रिश्तेदारों को लाभ: मास्टर ट्रेनरों का भुगतान उनके असली खातों में न करके अपने नजदीकी लोगों के खातों में डाला गया।
स्कूलों से वसूली और रिकार्ड में छेड़छाड़
आरोपों में यह भी कहा गया है कि दूरवार द्वारा जिले के समस्त विद्यालयों से दलालों के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है। सामग्री के भौतिक सत्यापन और अन्य कार्यों के नाम पर प्रति विद्यालय 30 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन पर समग्र शिक्षा अभियान के तहत बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर सामग्री खरीदने, लाभार्थियों के आंकड़ों में हेराफेरी करने और कार्यालय के दस्तावेजों व रिकार्ड में छेड़छाड़ कर वास्तविकता को छिपाने का भी आरोप है।
कार्रवाई के बावजूद पद पर काबिज
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायती पत्र के अनुसार, पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दूरवार को इन भ्रष्ट आचरणों के चलते पदीय दायित्वों से हटाकर जांच शुरू की गई थी और विभाग प्रमुख को भी सूचित किया गया था। इसके बावजूद, वह जांच आज भी लंबित है और दूरवार वर्तमान में भी अपने पद पर कार्य करते हुए कथित तौर पर भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं। वर्तमान में दूरवार ने अपने दलालों को आरएमएस कक्ष में अटैच कर रखा हैं। जो विद्यालयों से ऑडिट के नाम पर बसूली कर रहे हैं।
नोडल अधिकारी नियुक्त
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भिण्ड द्वारा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के लिए प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु संजीव दूरवार एडीपीसी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी भिण्ड (मो.9993320272) को नोडल अधिकारी नियुक्त कर निर्देशित किया गया है, कि प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु संबंधित से जबाव प्राप्त कर प्रतिवेदन आयोग को शीघ्र भिजवाना सुनिश्चित करें।


