भिण्ड, 08 मार्च। गेहूं के बोनस को लेकर अभारतीय किसान संघ की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई मुलाकात के बाद बनी सहमति ने भाजपा की डॉ. मोहन यादव सरकार के साथ ही भारतीय किसान संघ और आरएसएस का भी किसान विरोधी चरित्र बेनकाब कर दिया है। यह पहली बार है जब कोई किसान संगठन सरकार से मुलाकात कर किसानों को मिलने वाले बोनस पर 77.15 प्रतिशत की कटौती की सहमति देकर आया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने भिण्ड जिला की बैठक में बताया कि पिछले वर्ष किसानों को गेहूं की फसल पर 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भाजपा राज्य सरकार द्वारा दिया गया था। तब गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल घोषित हुआ था। इस बार लागत बढ़ने से जब एमएसपी बढ़कर 2585 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है, तब राज्य सरकार ने बोनस 175 रुपए प्रति क्विंटल से घटाकर मात्र 40 रुपए कर दिया है। शर्म की बात यह है कि प्रति क्विंटल किसानों 135 रुपए के नुकसान पर भारतीय किसान संघ ने भी सहमति दी है।
जसविंदर सिंह के अनुसार पिछले बीस साल में किसानों को सबसे कम बोनस दिया गया है। इससे पूर्व किसान 250 रुपए प्रति क्विंटल तक बोनस ले चुके हैं। लागत बढ़ने के बाद यदि बोनस में 135 रुपए प्रति क्विंटल की कमी और वह भी सरकार और आरएसएस के संगठन किसान संघ की सहमति से होती है तो यह कृषि और किसानो के संकट को और गहरा करने की साजिश है। माकपा नेता ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पर्दे के पीछे बड़ा खेल हो रहा है। शरबती गेहूं के नाम अडानी मप्र में बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीदी कर रहा है। बोनस बढ़ने से अडानी को गेहूं भी महंगे में खरीदना पड़ता। प्रधानमंत्री के प्रिय मित्र की तिजोरियां भरने के लिए ही किसानों के बोनस में कटौती की गई है। इससे साफ हो गया है कि भाजपा हो या आरएसएस का किसान संघ, दोनों ही अडानी के सगे हैं, किसानो के नहीं।
जसविंदर सिंह ने कहा कि यह किसानो के साथ दोहरा विश्वासघात है, क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने गेहूं उत्पादक किसानों से वादा किया था कि सरकार बनने पर प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2700 रुपए प्रति क्विंटल से की जाएगी। तीन साल बाद भी भाजपा सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया है, उल्टा बोनस में 135 रुपए की कटौती की है और भारतीय किसान संघ भाजपा सरकार के इस पाप में भागीदार बना है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 24 मार्च को रामलीला मैदान दिल्ली में विशाल रैली करने जा रही है। रैली का प्रचार भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ मप्र में माकपा 6 संघर्ष जत्था निकाल रही है, उसमें ग्वालियर से निकलने वाला जत्था 8 दिन ग्वालियर चंबल संभाग में घूमेगा। भिण्ड जिले में 12 मार्च को मालनपुर से जिला की सीमा में प्रवेश करेगा। 12, 13, 14 मार्च को भिण्ड जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक नुक्कड़ बैठक संबोधित करते हुए 14 मार्च को दोपहर 2 बजे मुरैना जिला पोरसा में प्रवेश करेगा। उक्त संघर्ष जत्था की तैयारी के लिए भिण्ड जिला में माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह आए हुए थे। यह जानकारी प्रेस को जारी विज्ञप्ति में माकपा जिला सचिव ओमप्रकाश बाथम ने दी।
Monday, April 6
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