भिण्ड, 05 मार्च.मनीष दुबे। होली के दूसरे दिन भाईदूज पर बहनों ने अपने भाइयों को तिलक लगाकर दोज पूजा की और उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान घरों में पारंपरिक उत्साह के साथ भाई-बहन का स्नेह देखने को मिले। वहीं लहार, गोहद और मेहगांव स्थित उप जेलों में भी भाई-दूज के अवसर पर विशेष व्यवस्था की गई। जेलों में बंद कैदियों से मिलने बड़ी संख्या में उनकी बहनें पहुंचीं। जेल प्रबंधन ने पहले से ही मुलाकात की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं और जेल परिसर के खुले मैदान में मिलने की व्यवस्था की गई थी।
कैदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों के छलके आंसू
बहनें अपने भाइयों के लिए मिठाई, फल और घर से बने पकवान लेकर जेल पहुंचीं। मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने भाइयों को तिलक लगाकर दोज पूजा की और उनका हालचाल जाना। भाई-बहन के इस मिलन के दौरान कई भावुक दृश्य भी सामने आए। लंबे समय बाद भाइयों से मिलकर कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े, वहीं भाई भी अपनी बहनों से मिलकर भावुक नजर आए। दिनभर उप जेलों में मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। बहनों की अधिक संख्या को देखते हुए जेल प्रबंधन पूरी तरह सतर्क रहा और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर निगरानी रखी गई। भाई-दूज के अवसर पर जेल परिसर में भाई-बहन के स्नेह और भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला।
उपजेल गोहद में 158 बहनों ने किया 57 बंदी भाईयों को तिलक
भाईदूज के अवसर पर गुरुवार को सुबह 8.30 से एक बजे तक उपजेल गोहद में परिरूद्ध बंदियों की उनकी माता-बहनों से टीका कराने हेतु प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात कराई गई।
उपजेल की सहायक अधीक्षक सरिता मिंज ने बताया कि पूर्व से निर्देश जारी किए गए थे कि जेल की सुरक्षा एवं नियमों को दृष्टिगत रखते हुए मुलाकात करने वाली माता बहिने अपने साथ कोई भी प्रतिबंधित सामग्री जैसे-मोबाइल, मादक पदार्थ आदि साथ लेकर न आएं। भाईदूज हेतु कुमकुम, अक्षत आदि की व्यवस्था उपजेल गोहद प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। जेल गोहद में 57 बंदियों से 158 बहनों ने मुलाकात की और भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर ईश्वर से उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना की।


