भिण्ड, 26 फरवरी.मनीष दुबे। मप्र शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए बालिकाओं एवं महिलाओं को पिंक ड्राइविंग लाइसेंस के माध्यम से उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जाने हेतु बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिले में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी के क्रम में शा. एमजेएस महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना बालिका के चल रहे शिविर में महिला बाल विकास विभाग एवं राजेन्द्र सोनी जिला परिवहन अधिकारी के समन्वय से पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, आंकड़ा विश्लेषण जितेन्द्र शर्मा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनीता बंसल, डॉ. कल्पना कुलश्रेष्ठ सहायक प्राध्यापक सुरभि बाथम और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी बालिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना ने बताया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक वक्तव्य न होकर एक दूरगामी सकारात्मक सुधारों की एक श्रृंखला है। पिंक ड्राइविंग लाइसेंस भी इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। शासन महिला सशक्तिकरण की ओर पूर्ण सकारात्मकता से आशान्वित है। परिवहन कार्यालय के सोनम पाल एवं दीपक सिंह भदौरिया द्वारा बालिकाओं को बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस का प्रथम चरण लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस है, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के एक माह के बाद और 6 माह के अंदर आपको परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होता है। शासन द्वारा बालिकाओं, महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूर्णता निशुल्क है।
इसके पश्चात लैपटॉप और मोबाइल द्वारा बालिकाओं के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए। उनको स्पष्ट किया गया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए आपको आधार कार्ड और आपका आधार से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, ऑनलाइन सारथी पोर्टल के माध्यम से आधार नंबर के द्वारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है और बालिकाओं को ऑनलाइन टेस्ट भी दिलवाया गया, जिसमें 10 बालिकाओं के तत्काल लर्निंग लाइसेंस भी जनरेट किए गए। बालिकाओं को उक्त प्रक्रिया बहुत ही सरल लगी और सभी के द्वारा फोन के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई की गई।
महाविद्यालय की ओर से सहायक प्राध्यापक सुरभि गौतम और डॉ. कल्पना कुलश्रेष्ठ ने बालिकाओं से अपेक्षा की कि राष्ट्रीय सेवा योजना का काम ही स्वयं सशक्त होकर औरों को सशक्त करना है। जिन बालिकाओं के लर्निंग लाइसेंस बन गए हैं वह अपने महाविद्यालय की अन्य बालिकाओं के भी लर्निंग लाइसेंस बनवाएं और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं को महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न टोल फ्री नं.1098, 112, 181, 1930 साइबर हेल्पलाइन एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, योजना से संबंधित प्रशिक्षण सामग्री भी प्रदाय की गई। बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए जाकर बाल विवाह उन्मूलन के संबंध में शपथ के साथ कार्यक्रम समापन किया गया।
Monday, April 6
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