– दिल्ली कूच को लेकर अटल चौक पर गोहद में हुई आमसभा
भिण्ड, 26 फरवरी। यूजीसी बिल के विरोध में बुधवार को अटल चौक पर गोहद में आमसभा का आयोजन किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान एडवोकेट अनिल मिश्रा ने कहा कि सभी राजनीतिक दल सवर्ण समाज का शोषण करते आए हैं। भाजपा सरकार द्वारा यूजीसी बिल थोपा गया है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। देशभर में इसका विरोध किया जा रहा है। 8 मार्च को जंतर मंतर पर दिल्ली में लाखों की संख्या में लोग पहुंचकर आंदोलन करेंगे। यदि अभी लोग नहीं जागे तो कभी नहीं जाग सकेंगे। क्योंकि आगामी पीढ़ी को इससे कोई लेना देना नहीं रहेगा, वह सभी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ रहे हैं और उनको ऐस आराम की आदत पड़ जाएगी। आगामी समय में शंकराचार्यों, संतों एवं सनातनी भाइयों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी और एक अलग ही दल बनाया जाएगा, जिसमें हम सभी सनातनी ताकत दिखाएंगे। सरकारों द्वारा बताया जाता है कि 10 से 15 प्रतिशत तक ही सनातनी हैं, हम उनको वर्ष 2027 में यूपी के चुनाव में एवं 2028 में मप्र के चुनाव में यह साबित करेंगे कि सनातनी 35 से 40 प्रतिशत है, आजादी के बाद से हम सनातनी लोगों का शोषण हुआ है, लेकिन अब नहीं होने देंगे।
आमसभा के पश्चात राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें शिक्षा मे जुड़े कुछ प्रावधानों तथा अजा एवं अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर समाज में विभिर स्तरों पर चर्चा और चिंता व्यक्त करने की बात कही गई। इस दौरान बताया गया कि हम सामाजिक न्याय और संरक्षण के सिद्धांतों का पूर्ण सम्मान करते हैं। हमारा निवेदन केवल इतना है कि कानून और नियमों के पालन में संतुलन, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। अत: जीसी ने संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षा का वातावरण भयमुक्त, संतुलित और निष्पक्ष बना रहे। शिकायतों की जांच के लिए स्पष्ट, लिखित और समयबद्ध प्रक्रिया तय की जाए, ताकि सभी पक्षों को समान अवसर मिले। एससी/एसटी एक्ट के क्रियान्वयन में प्रक्रियात्मक स्पष्टता सुनिश्चित की जाए, जैसे- प्रारंभिक जांच की पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सुनवाई, यदि किसी मामले में झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत सिद्ध हो तो उसके लिए उचित प्रावधान कानून के उद्देश्य को सुरक्षित रखते हुए दुरुपयोग की आशंकाओं को कम करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाए। इस दौरान अन्य सभी वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।


