– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने उज्जैन की पावन धरा पर ग्रामीण डाक सेवकों का किया सम्मान
– कांग्रेस के प्रदर्शन को निंदनीय और भारत की अस्मिता पर प्रहार बताया
– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सर्वांगीण विकास के पथ पर अग्रसर है मध्य प्रदेश
उज्जैन, 24 फरवरी। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को उज्जैन में ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित किया और भारतीय डाक की बदलती भूमिका तथा भविष्य की दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए डाक सेवकों की उपस्थिति ने इसे एक प्रेरक और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओतप्रोत रहा। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एआई इंपेक्ट समिट में किए गए प्रदर्शन के लिए कांग्रेस पर भी सीधा निशाना साधा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे।
केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि डाक सेवक केवल चिट्ठियां नहीं पहुंचाते, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी और ग्रामीण भारत के भरोसे का जीवंत प्रतीक हैं। जब डाकिया चलता है, तो भारत चलता है कहते हुए उन्होंने डाक सेवकों को तकनीक और समाज के बीच सबसे विश्वसनीय सेतु बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि 1.6 लाख से अधिक डाकघर और करोड़ों नागरिकों का अटूट विश्वास भारतीय डाक को वैश्विक स्तर पर एक अद्वितीय पहचान देता है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश बन रहा है सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का संगम
उज्जैन और मप्र के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में उज्जैन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बन रहा है। महाराजा विक्रमादित्य की गौरवगाथा को सहेजने से लेकर शिप्रा नदी की पवित्रता और वैदिक परंपराओं के पुनर्स्थापन तक, प्रदेश सरकार ने उज्जैन को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
तीव्र परिवर्तनों के अग्रदूत बनें डाक सेवक
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक विभाग तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आज डाकघर केवल पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल बैंकिंग, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, ई-कॉमर्स पार्सल और सरकारी योजनाओं के वितरण के आधुनिक केन्द्र बन चुके हैं। उन्होंने डाक सेवकों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों को अपनाते हुए इस परिवर्तन के अग्रदूत बनें।
दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मयोगियों का परिश्रम ही है भारतीय डाक की असली पूंजी
सम्मेलन के दौरान उत्कृृष्ट सेवा देने वाले डाक सेवकों को सम्मानित करते हुए सिंधिया ने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत इन कर्मयोगियों का परिश्रम ही भारतीय डाक की असली पूंजी है। उनका समर्पण ही ग्रामीण भारत में विश्वास की डोर को मजबूत बनाए रखता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा, समर्पण और नवाचार की इसी भावना के साथ भारतीय डाक विभाग विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा और देश को विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
एआई इंपेक्ट समिट में प्रदर्शन को बताया मां भारती की अस्मिता पर चोट
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए एआई इंपेक्ट समिट में किए गए प्रदर्शन के लिए कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने इस प्रदर्शन को निंदनीय करार देते हुए कहा कि देश की छवि को धूमिल करने वाले कांग्रेस के इस कृत्य की आलोचना जितने शब्दों में की जाए, वो कम है। सिंधिया ने कहा कि यह मंच विश्व को भारत की एआई क्षमता को दिखाने का अवसर था जिसमें लगभग 90 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि आए थे। ऐसे मंच पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना भारत माता की अस्मिता पर चोट है। यह दिखाता है कि कांग्रेस की मानसिकता में भारत विरोध गहराई तक भरा हुआ है।


