– कैबिनेट मंत्री शुक्ला ने जनहितैषी बजट के लिए उपमुख्यमंत्री देवड़ा का किया आभार व्यक्त
भिण्ड, 22 फरवरी.मनीष दुबे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विकसित मप्र के लिए वर्ष 2026-27 के वित्तीय बजट को लेकर विधानसभा के सदन पटेल पर प्रस्तुत किया। यह बजट युवाओं, किसानों, व्यापारियों, गरीब, मजदूर के लिए दूरदर्शी बजट है। यह बात मप्र के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया, भिण्ड विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अवधेश सिंह कुशवाह एडवोकेट, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा राजे विशेष रूप से मौजूद थे।
मंत्री राकेश शुक्ला ने पत्रकार वार्ता में मप्र बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का यह बजट ऐतिहासिक है और अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्ष की तुलना में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 41 हजार रुपए से बढ़कर एक लाख 69 हजार रुपए हो गई है, यह 19.25 प्रतिशत की वृद्धि सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा एक लाख सोलर पंप किसानों को देने की तैयारी की गई है, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और फसल बीमा के लिए 1300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए 5700 महिला हॉस्टल के निर्माण तथा उनकी सुरक्षा और पेंशन पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के ऋण प्रावधान किए गए हैं तथा खेलों के विकास के लिए 815 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु मजरे-टोले की सड़कों के लिए 21 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 294 नए विद्यालय स्थापित करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।


