– कर्तव्य भूलने पर होता है समाज का पतन : प्रेमशंकर जी
– गोहद में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित
भिण्ड, 15 जनवरी। सकल हिन्दू समाज द्वारा पुरानी कचहरी के पीछे मैदान पर आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में जगतगुरु शंकराचार्य महामण्डलेश्वर प्रज्ञानानन्द सरस्वती जी, मुख्य वक्ता प्रेमशंकर जी सह क्षेत्रीय, लाखन महाराज, बहन पूनम दंडोतिया, संत मंगलदास महाराज, ब्रजभूषण गोस्वामी, संयोजक नरेश गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम अम्बेडकर पार्क नया बस स्टेण्ड से कलश यात्रा आरंभ हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंची। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ प्रदर्शनी भी लगाई गई।
पुरानी कचहरी के पीछे मैदान पर आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में आशीष वचन देते हुए महामण्डलेश्वर शंकराचार्य जगतगुरु प्रज्ञानंद सरस्वती ने कहा कि सारा विश्व भगवान का ही रूप है, हम सभी भगवान के प्रतिबिंब है, भारत भगवान का हृदय है। जिस प्रकार हृदय में धड़कन चलती है, उस समय शरीर कोई अंग कट जाए तो कोई बात नहीं होती, लेकिन जब हृदय का धड़कना बंद हो जाए तो शरीर का कोई मूल्य नहीं रह जाता। हाथ की पांचों उंगली का अलग अलग महत्व है और अलग-अलग रहने से कोई तोड़ भी सकता है। लेकिन जब सभी उंगली इकट्ठा होकर मुट्ठी बन जाती है, तो वह किसी का भी जबड़ा तोड़ सकती है। इस लिए हमें एकता का परिचय देना आवश्यक है। भारत से घुसपैठियों को निकाला जाना देश के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, ये घुसपैठिये हमारे हक का खाते हैं और हमारे देश के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से विधेयक पारित करने को कहा, जिसमें घुसपैठियों को देश से बाहर करने एवं विश्व के किसी भी देश में हिन्दुओं पर अत्याचार हो तो उन्हें हिन्दुस्तान पर आश्रय मिले। उन्होंने कहा कि सनातन अर्थात सत्य सनातन युगों युगों से है, भारत हिन्दू राष्ट्र है और रहेगा। कुछ संक्रमण आ जाते हैं, उनका निराकरण जरूरी है। इसके लिए हमे एकजुट रहना होगा, हमें जातियों में नहीं बंटना है, हमें अपने देश के संकट के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा। सनातन धर्म ही है जो विश्व के कल्याण की बात करता है।
इस अवसर पर सह क्षेत्र प्रेमशंकर जी ने कहा कि हम सब बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें मनुष्य के रूप में भारत में जन्म मिला और उससे भी भाग्यशाली हैं सनातन धर्म में जन्म मिला, जिसमें हमारे देवताओं, महापुरुषों ने सदैव कल्याण के लिए कार्य किए और हम उनके वंशज हैं। हिन्दुत्व धारण करने से व्यक्ति में गुलामी निराशा का भाव नहीं आता। उन्होंने कहा कि जो समाज कर्तव्य भूल गया है उसका पतन निश्चित है। उन्होंने आव्हान किया कि प्रत्येक सनातनी को घर पर प्रति सप्ताह परिवार के साथ पूजा या आरती करें, परिवार में शाम का भोजन एक साथ करे साथ परिवार एक साथ बैठक कर विचार विमर्श करें, यह हमारी संस्कृति है, जिसे हमें भूलना नहीं है। विराट हिन्दू सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।
मौ में निकली साइकिल रैली
17 जनवरी को आयोजित हिन्दू धर्म सम्मेलन को लेकर मौ में गुरुवार एक विशाल साइकिल रैली मौ सेवढ़ा मुख्य मार्ग पेट्रोल पंप से फील्ड मैदान तक जय श्रीराम के नारे लगाते, हिन्दू धर्म ध्वजा लहराते हुए बाइक रैली निकाली गई।


