भिण्ड, 15 जनवरी। आलमपुर क्षेत्र के कई गांव में मुक्तिधामों की हालत बेहद खराब बनी हुई है। जिससे ग्रामीण लोगों मृत व्यक्तियों का अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों ने शासन प्रशासन से आलमपुर क्षेत्र के गांवों के मुक्तिधामों की हालत सुधरबाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव में अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पर बने चबूतरा एवं टीनशेड क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और मुक्तिधाम सहित चबूतरे पर कटीली झाड़ियां और खरपतवार खड़ा है। ऐसे में लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। बताया गया है कि आलमपुर के आसपास के कुछ गांव के मुक्तिधाम पर न तो चबूतरा है और न ही टीनसेड की व्यवस्था है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को स्वयं की टीन चादर एवं पन्नी लगाकर मृत व्यक्ति का जमीन पर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश मुक्तिधामों तक पहुंचने के लिए रास्ता भी सही नहीं है। ग्रामीणों को बरसात के दिनों में कीचड़ और पानी में घुसकर मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है। ग्राम रूरई सहित कई गांव में तो बरसात के दिनों में मुक्तिधाम पर जाने का रास्ता ही बंद हो जाता है। अभी हाल ही में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के मुक्तिधामों की दशा सुधार का निर्णय लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों को आलमपुर क्षेत्र के मुक्तिधामों का निरीक्षण कर उनकी हालत सुधारने का प्रयास करना चाहिए। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान होने वाली परेशानी से निजात मिल सकें।
Thursday, October 1
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