– कांग्रेस ने मनाई पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि
भिण्ड, 11 जनवरी। जिला कांग्रेस कार्यालय पर कांग्रेस जनों ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर संगोष्ठी आयोजित की गई।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने विचार रखते हुए कहा कि संकट के समय ‘जय जवान, जय किसानÓ का उद्घोष कर शास्त्री जी ने देश के स्वावलंबन व सुरक्षा का सुंदर समन्वय बनाया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले गुदड़ी के लाल शास्त्री जी ने अपने दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व से 1965 के युद्ध में भारत को विजय दिलाई। उनका सादगीपूर्ण जीवन हर एक समाजसेवी के लिए प्रेरणा है। वह भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमंत्री रहे।
एसआईआर प्रभारी विधानसभा भिण्ड अरविन्द यादव ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन बताता है कि महान बनने के लिए ऊंची आवाज नहीं, ऊंचा चरित्र चाहिए। प्रधानमंत्री होते हुए भी वे रेल की सेकेंड क्लास यात्रा को अपमान नहीं मानते थे। उनके पास न बंगला था, न बैंक बैलेंस। 1965 के युद्ध और खाद्यान्न संकट के दौर में दिया गया नारा आज भी भारत की आत्मा है। 1904 में मुगलसराय में जन्मे शास्त्री ने बचपन में ही पिता को खो दिया। नाव से गंगा पार कर स्कूल जाना, भूखे रहकर पढ़ाई करना, ये किस्से प्रेरक नहीं, बल्कि आज की सुविधा भोगी राजनीति पर करारा तमाचा हैं। जब देश आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तब शास्त्री ने हफ्ते में एक दिन उपवास का आह्वान किया। वे खुद इसका पालन करते थे। 10 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनका निधन आज भी सवालों से घिरा है। वह हमेशा राष्ट्रहित को तरजीह देते थे। कार्यक्रम में जन समस्या निवारण प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ ग्रामीण जिलाध्यक्ष अतुल यादव, अजय शर्मा, वाहिद अली, राजवीर खन्ना, गोविन्द सिंह राजावत एवं कांग्रेस जन उपस्थित रहे।


