– पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित
भिण्ड, 10 जनवरी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार भिण्ड में आयोजित की गई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड, समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के अधिकारी सहित विभागीय अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित सभी निर्माण कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण हेतु आरईएस के सहायक यंत्री को व्यक्तिगत टेस्टिंग किट रखने हेतु निर्देशित किया। इस टेस्टिंग किट में रिबाउंड हैमर, लेजर रेंजफाइंडर, स्लम्प कोन जैसे इंस्ट्रूमेंट रखे जाएंगे जिससे कार्यों की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच हो सके। साथ ही प्रत्येक जनपद में एक कोर कटर भी खरीदा जाये जिससे सीसी रोड के कार्यों में गुणवत्ता औचक की जांच हो सके।
उन्होंने नल जल योजना के क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए इसके पूर्ण होने की स्थिति की पड़ताल की। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सभी सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान में डगवेल और खेत तालाब निर्माण की प्रगति पर नजर रखने को कहा। मनरेगा के तहत जॉब कार्ड की ई-केवाईसी को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लंबित निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की। इसी प्रकार मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना, गोशाला निर्माण एवं संचालन की जानकारी पर विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा में बैंक लिंकेज और केसीसी की स्थिति में तत्काल सुधार लाने तथा लखपति दीदी योजना के लक्ष्य पूर्ण करने पर बल दिया। मां की बगिया योजना की प्रगति पर नजर डालते हुए शेष सेंक्शन को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए। विशेष रूप से ग्रामों में मुक्तिधाम निर्माण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। सभी ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम उचित मानकों के साथ निर्मित होने चाहिए, ताकि ग्रामीणों को अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध हो। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो। उन्होंने समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।


