– 11 जनवरी को इंदौर में होने वाले जनआक्रोश प्रदर्शन में भिण्ड जिले से पहुचेंगे हजारों कार्यकर्ता
– ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मनरेगा के मुद्दे को लेकर विरोध एवं संगठन सृजन के अंतर्गत ग्राम पचांयत एवं वार्ड कमेटियों का गठन
भिण्ड, 08 जनवरी.मनीष दुबे ।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीला एवं दूषित पानी पीने से अब तक 20 निर्दोष नागरिकों की मौत और एक हजार से अधिक लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक विफलता को उजागर कर दिया है। यह केवल हादसा नहीं,बल्कि शासन की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि इन मौतों और आम नागरिकों की जान से खुलेआम खिलवाड़ के विरोध में मप्र कांग्रेस कमेटी द्वारा 11 जनवरी रविवार को सुबह 11 बजे इंदौर के बड़ा गणपति मन्दिर से राजवाड़ा चौक स्थित मां अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल तक प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। इसमें जिला भिण्ड से हजारों कार्यकर्ता इंदौर पहुचेंगे। पैदल मार्च के माध्यम से कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें होंगी। इंदौर के नाकारा और असफल महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जनता एवं पत्रकार के प्रति अमर्यादित भाषा और असंवेदनशील रवैये के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का तत्काल इस्तीफा लिया जाना चाहिए। जहरीले पानी से हुई मौतों के लिए सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपए का अपमानजनक मुआवजा बढ़ाकर प्रति मृतक परिवार को एक करोड़ रुपए दिया जाना चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप दर्ज किया जाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। यह पैदल मार्च केवल विरोध नहीं, बल्कि जनता के जीवन, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मनरेगा के मुद्दे को लेकर विरोध एवं संगठन सृजन के अंतर्गत ग्राम पचांयत एवं वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है।
मनरेगा योजना का नाम परिवर्तन को लेकर बघेल ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के तहत लिए काम के गारंटीड अधिकार के कानून में परिवर्तन कर ग्रामीण रोजगार के कानूनी अधिकार को छीना जा रहा है। भाजपा सरकार ने ग्रामीण रोजगार के डिमाण्ड ड्रिगन स्वरूप को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है। प्रदेश सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी लागू कर काम को कानूनी रूप से लागू होने वाली केन्द्र सरकार की गारंटी को हटा दिया है। यह करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला है और आजाद भारत में सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा उपायों में से एक को कमजोर करने की कोशिश है। साथ ही योजना का नाम परिवर्तित कर गांधी जी की विचारधारा को खत्म करने का कुत्सित प्रयास है। कांग्रेस इस योजना को बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम (मनरेगा) भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है। इसने गरीब और वंचित लोगों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया। लेकिन उन्होंने कहा कि ‘वीबी जीराम जीÓ कानून के जरिए मोदी सरकार ने इस अधिकार को सरकारी मेहरबानी में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस जन इस जनविरोधी फैसले का देश के हर गांव में विरोध करेंगे और 45 दिनों का देशव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान चलाएंगे। हमारी स्पष्ट मांग है, इस फैसले को पूरी तरह वापिस लिया जाए। अभियान कार्यक्रमों में हर जिले प्रेस वार्ता, हर जिले में एक दिन का उपवास, 12 से 29 जनवरी में पंचायत प्रतिनिधि और मनरेगा मजदूरों से संवाद, 30 जनवरी शहीद दिवस को वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना, 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर मनेरगा बचाओ प्रदर्शन, 7 से 15 फरवरी को हर राज्य में विधानसभा का घेराव, 16 से 25 फरवरी तक एआईसीसी जोनल मेगा रैलियां होंगी।
बघेल ने कहा कि देश की जनता मनरेगा को खत्म करने की कोशिशों के खिलाफ है और जब तक सरकार ये बदलाव वापस नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रेस वार्ता में उपाध्यक्ष महेश जाटव, मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी, संगठन मंत्री इरशाद अहमद, सेवादल जिलाध्यक्ष संदीप मिश्रा, कार्यालय प्रभारी रामस्वरूप गोयल, अरविन्द यादव, राजेन्द्र सिंह यादव, खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ ग्रामीण जिलाध्यक्ष अतुल यादव, सरपंच अंकित जाटव, सत्यवीर सिंह, संदीप बघेल, प्रमोद बघेल, अजय बघेल, सतीश बघेल उपस्थित रहे।


