भिण्ड, 26 दिसम्बर.मनीष दुबे।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शा. एमजेएस महाविद्यालय भिण्ड में आरबीआई के सजन से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा के मार्गदर्शन व निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर आरबीआई भोपाल ब्रांच मैनेजर स्वपनदीप चटर्जी, नाबार्ड ब्रांच अधिकारी एसजे श्रीवास्तव, ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र कुमार और स्टेट बैंक मेहगांव से ब्रांच मैनेजर ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता विषय पर व्याख्यान दिया।
सर्वप्रथम जितेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वित्तीय साक्षरता वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति आय, व्यय, बचत, निवेश, ऋण और बीमा जैसे वित्तीय विषयों को समझकर सही निर्णय ले सकता है। यह लोगों को बजट बनाना, भविष्य की योजनाएं तैयार करना, अनावश्यक कर्ज से बचना और सुरक्षित निवेश चुनना सिखाती है। वित्तीय साक्षरता से न केवल व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि समाज और देश की आर्थिक स्थिरता एवं विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। धन प्रबंधन की बुनियादी बातों को समझना, ताकि आप बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकें। यह कोई अध्ययन पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि एक कार्ययोजना है और यह जटिल भी नहीं है। हालांकि कुछ वित्तीय शब्द शुरू में भ्रामक लग सकते हैं, लेकिन एक बार जब आप बुनियादी वित्तीय अवधारणाओं और शुरुआत करने के चरणों को समझ लेते हैं, तो आपको पता चल जाएगा कि अपने धन को नियंत्रित करना और बेहतर वित्तीय निर्णय लेना कितना आसान हो सकता है।
इस अवसर पर आरबीआई भोपाल ब्रांच मैनेजर ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता के संबंध में महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया और क्विज के माध्यम से उनको जागरूकता प्रदान की अंत में सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. मोहित कुमार दुबे ने किया, उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता के संबंध में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ज्ञानवर्धक जानकारियां दीं। इस अवसर पर डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. आभास अस्थाना, डॉ. अभिषेक यादव सहित महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।


