– राकेश अचल
भारत में राजधानी दिल्ली का दम भले घुट जाए, भले ही सरकारी योजनाओं से महात्मा गांधी हटा दिए जाएं, भले ही एपस्टीन फाइल खुल जाए, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आनर यानि सम्मान पर राई-रत्ती फर्क नहीं पड़ता, उलटे दुनिया में उनका सम्मान और ज्यादा बढ़ता है।
ताजा खबर ये है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत और इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने और एक वैश्विक राजनेता के रूप में उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह अदीस इंटर नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक इथियोपिया से यह सम्मान मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस सम्मान को भारत और इथियोपिया के बीच वर्षों से संबंधों को मजबूत करने वाले सभी लोगों को समर्पित किया। पीएम मोदी ने कहा कि वह इसे 1.4 अरब भारतीयों की ओर से विनम्रता से स्वीकार करते हैं। प्रधानमंत्री इस सम्मान से इतने गदगदायमान हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस सम्मान को लेकर अपनी भावना साझा की। उन्होंने लिखा कि ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित होना उनके लिए सम्मान की बात है और वह इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करते हैं।
भारत और अमेरिका में आज भले ही तनातनी है, किन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुनिया के अलग-अलग देशों से 28 बड़े नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। भारत की राजधानी भले ही दुनिया की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी हो, किंतु मोदी जी को वैश्विक नेतृत्व और पर्यावरण से जुड़े कई प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। पापुआ न्यू गिनी, फिजी, ग्रीस, अमेरिका, मालदीव, बहरीन, यूएई, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान और सऊदी अरब सहित कई देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले हैं। पिछले 9 साल में मोदी जी को इथियोपिया, नामीबिया, ब्राजील, त्रिनिदाद टोबैगो, घाना, साइप्रस, श्रीलंका, मारीशस, बारबाडोस, कुबैत, डोमिनिका, गुयाना, नाइजीरिया, रूस, ग्रीस, फ्रांस, मिश्र, फिजी, पापुआ गिनी, भूटान, अमेरिका, बहरीन, मालदीव यूएई, संयुक्त राष्ट्र, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान और सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हासिल कर चुके हैं।
कभी कभी लगता है कि सेवा तीर्थ का अमला पूरे साल इसी जुगाड़ में रहता है कि प्रधानमंत्री को नया नागरिक सम्मान कैसे मिले। मोदी जी को अभी चीन और पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना बांकी है। चीन और पाकिस्तान से जिस दिन मोदी जी को नागरिक सम्मान मिल जाएगा, उस दिन समझिये कि वे विश्व गुरू बन जाएंगे। जानकार बताते हैं कि भाजपा और संघ प्रधानमंत्री को कम से कम 56 नागरिक सम्मान दिलाने का लक्ष्य बनाकर रखे हैं। 56 इंच की छाती पर 56 नागरिक सम्मान तो टंगे ही होना चाहिए। अभी कुल 28 ही मिले हैं। शेष 28 हासिल करने के लिए मोदी जी को हर हाल में 9 साल और प्रधानमंत्री बनाकर रखना होगा। नागरिक सम्मान हासिल करने के मामले में देश के चाहे राष्ट्रपिता हों, चाहे पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू, मोदी जी के सामने कहीं नहीं लगते। जबकि पंडित जी तो सोलह-सत्रह साल पद पर रहे। वे भाखड़ा नंगल बांध, आईआईएम, एम्स आदि बनाने मे लगे रहे। काहे के पंडित थे? मोदी जी की इस महान उपलब्धि का जश्न पूरे जोर शोर से मनाया जाना चाहिए। उन्हें कोसना छोड़ देना चाहिए।


