– वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत में 753 प्रकरणों का हुआ निराकरण
भिण्ड, 13 दिसम्बर। जिले में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया। जिसका औपचारिक शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड केएस बारिया ने मां सरस्वती की प्रतिमा एवं राष्ट्रिपता महात्मा गांधी पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर समस्त न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड, कलेक्टर एवं अभिभाषक संघ भिण्ड के अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 23 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था जिनमें सुलहकर्ता सदस्य के रूप मे नामित अधिवक्तागण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील न्यायालय मेहगांव, गोहद एवं लहार में न्यायालयों में लंबित कुल 753 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 2026 पक्षकार लाभान्वित हुए तथा राशि दो करोड़ 86 लाख 53 हजार 980 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इसके अलावा प्रीलिटिगेशन प्रकरणों जिनमें जलकर, संपत्तिकर, विद्युत, बीएसएनएल, बैंक आदि के कुल 903 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 961 व्यक्तियों को लाभांवित किया गया तथा उपरोक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में एक करोड़ 33 लाख 62 हजार 512 रुपए समझौता राशि रही। वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठों द्वारा कई मामलों में पक्षकारों के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुए दोनों पक्षों को मिलाया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारों को पौधे भेंट कर उन्हें जीवन में विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह भी दी गई।
खण्डपीठ क्र.एक के पीठासीन अधिकारी प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय भिण्ड दिलीप गुप्ता के न्यायालय के प्रकरण क्र.199/2025 वैवाहिक में नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते से राजीनामा द्वारा मामले का निराकरण किया गया। आवेदिका का विवाह अनावेदक के साथ 5 जुलाई 2018 को हिन्दू विधि से संपन्न हुआ था। इसके पश्चात उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण आवेदिका अनावेदक से पृथक अपने मायके में निवास करने लगी थी। आवेदिका ने 23 जून 2023 को अनावेदक से भरण-पोषण राशि दिलाए जाने हेतु धारा 125 दंप्रसं का प्रकरण प्रस्तुत किया था, जिसमें आवेदिका कविता शाक्य के अंतरिम भरण पोषण हेतु 2500 रुपए प्रतिमाह दिए जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया, जिसकी वसूली हेतु आवेदिका ने धारा 144(3) बीएनएसएस के तहत यह प्रकरण 24 जुलाई 2024 को प्रस्तुत किया था।
उभयपक्ष आज लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय खण्डपीठ के समक्ष उपस्थित हुए, उभयपक्ष को साथ-साथ रहने की समझाइश दी गई तो उभयपक्ष साथ रहकर दांपत्य जीवन का निर्वहन करने के लिए तैयार हुए तथा प्रकरण राजीनामा के आधार पर समाप्त किए जाने का निवेदन किया। उक्त लोक अदालत के समक्ष दोनों पक्षों द्वारा दांपत्य जीवन का निर्वहन स्वेच्छापूर्वक करने के आधार पर प्रकरण समाप्त किया गया। पति-पत्नी द्वारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे को माला पहनाई और उन्हें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला प्राधिकरण भिण्ड एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय भिण्ड, सचिव जिला प्राधिकरण भिण्ड अनुभूति गुप्ता ने पौधे उपहार स्वरूप दिए। नवदपंति ने एक-दूसरे को माला पहनाई एवं व्यक्त किया कि वे आज से पुन: अपनी नई जिन्दगी की शुरूआत करेंगें एवं दोनों नेशनल लोक अदालत से खुशी-खुशी अपने घर गए। उभयपक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर प्रकरण को समाप्त किया गया।
इस प्रकार वर्षों से चले आ रहे घरेलू विवाद के प्रकरण का राजीनामा से अंत हुआ तथा त्वरित एवं सुलभ न्याय की संकल्पना को सभी के सामूहिक प्रयासों से मूर्त रूप दिया तथा दंपती को प्रकरण के निराकरण के फलस्वरूप भेंट के तौर पर फलदार वृक्ष प्रदत्त किया गया तथा उनके एवं उनके परिवार की खुशहाली की शुभकामनाएं देते हुए न्यायालय से खुशी-खुशी उन्हें विदा किया।


