परशुराम सेना ने की एसपी से शिकायत, की दोनों पर कार्रवाई की मांग
भिण्ड, 12 दिसम्बर। भीम आर्मी से जुड़े सौरभ जाटव व देशराज धारिया का एक ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें यह दोनों एससी-एसटी एक्ट के तहत कराई गई एफआईआर के बाद मुआवजे के तौर पर मिलने वाली शासकीय राशि के लिए आपस में झगड़ रहे हैं। मामला सामने आया तो भीम आर्मी ने इन दोनों से दूरी बना ली। इस मामले में परशुराम सेना के अध्यक्ष देवेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।
इस दौरान हाईकोर्ट अधिवक्त मोहित ऋषीश्वर भी उनके साथ रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष सौरभ जाटव और पूर्व संभागीय पदाधिकारी देशराज धारिया आपस में किसी एफआईआर को लेकर बहस कर रहे हैं और एससी-एसटी की इस एफआईआर में मिलने वाली मुआवजा राशि पर अधिकार जमाने के लिए झगड़ रहे हैं, उससे साफ है कि देश मे इस एक्ट का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परशुराम सेना ने इस मामले में एसपी को ज्ञापन देकर भीम आर्मी के इन दोनों पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भीम आर्मी के सौरभ जाटव व देशराज धारिया एससी-एसटी एक्ट में झूठी एफआईआर करवाकर सवर्ण व ओबीसी के लोगों को फंसाते हैं और इससे मिलने वाली मुआवजा राशि को हड़पने धंधा कर रहे है। किसी मामले में इन दोनों के बीच फरियादी बनने को लेकर तनातनी हो गई, क्योंकि इस एक्ट में फरियादी को ही मुआवजा राशि मिलने का प्रावधान है और दोनों में इस राशि पर अधिकार जमाने को लेकर विवाद हुआ, जिसका ऑडियो सभिनके सामने आ गया है।
पार्टी ने बनाई दोनों से दूरी
भीम आर्मी से जुड़े दोनों पदाधिकारियों का ऑडियो वायरल होने के बाद भीम आर्मी के जिला प्रभारी आदित्य वर्धन ने सौरभ जाटव और देशराज धारिया से दूरी बना ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह दोनों अब पार्टी के किसी दायित्व में नहीं हैं। उन्होंने इसे निजी बातचीत कहा। इस पर परशुराम सेना ने कहा कि भीम आर्मी इन दोनों की करतूत सामने आने के बाद इनसे दूरी बना रही है, लेकिन विगत 3 माह से यह दोनों भीम आर्मी का झंडा पकड़कर सवर्ण व ओबीसी वर्ग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे, तब भीम आर्मी ने इनके पार्टी से अलग होने की बात क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग इस एक्ट में मिलने वाली लाखों की मुआवजा राशि को हड़पने के लिए किया जाता है। इसलिए इस तरह के मामलों में जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस देशराज धारिया और सौरभ जाटव के द्वारा अब तक कराई गईं एससी-एसटी एक्ट की सभी एफआईआर की जांच करे, क्योंकि इन दोनों ने इसके नाम पर शासन को बड़ी चपत लगाई है और पैसों के लिए निर्दोष लोगों को फसाया है।


