– जैन संत विश्रांत और सौम्य सागर का हुआ नगर आगमन
भिण्ड, 13 मई। नगर में बुधवार को जैन संत विश्रांत सागर महाराज और सौम्य सागर महाराज ससंघ का मंगल आगमन हुआ। इस मौके पर सकल जैन समाज ने बैंड-बाजों और जयघोष के साथ संतों की भव्य अगवानी की।
लश्कर रोड स्थित कीर्तिस्तंभ जैन मन्दिर से शुरू हुआ स्वागत जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आदिनाथ दिगंबर जैन मन्दिर पहुंचा। जुलूस मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पाद प्रक्षालन, आरती और पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया। संतों की एक झलक पाने और आशीर्वाद लेने के लिए लोगों में उत्साह देखा गया। आदिनाथ मन्दिर पहुंचने के बाद संतों ने धर्मसभा को संबोधित किया।
अपने प्रवचन में विश्रांत सागर महाराज ने कहा कि धर्म केवल मन्दिर निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज को संस्कारों और सद्भाव से जोड़ना भी आवश्यक है। वहीं सौम्य सागर महाराज ने जीवन की सार्थकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने धन और जीवन का उपयोग धर्म और सेवा के कार्यों में करना चाहिए, तभी जीवन सार्थक बनता है। इस अवसर पर नगर में विराजमान उपाध्याय विनिश्चल सागर महाराज ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने शहर के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि भिण्ड अब केवल ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर आस्था और श्रद्धा की स्थली बन चुका है। यहां संतों का निरंतर आगमन धर्म और संस्कृति को नई दिशा दे रहा है।


