– तकनीकी जांच की उठी मांग
भिण्ड, 12 जून। नगर परिषद मालनपुर द्वारा मुख्य राजमार्ग के किनारे कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप हैं कि निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माणाधीन नाला समय से पहले क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद मालनपुर द्वारा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य हाईवे के किनारे नाला निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण स्थल का निरीक्षण करने वाले कई स्थानीय लोगों का दावा है कि कार्य की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया ही संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री एवं निर्माण प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित अनुपात, गुणवत्ता एवं तकनीकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तो कुछ ही समय बाद नाले में दरारें, धंसाव एवं टूट-फूट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे शासन को दोबारा लाखों रुपए खर्च कर मरम्मत कार्य कराना पड़ सकता है। ऐसे में जनता के करों से प्राप्त धन के दुरुपयोग की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि निर्माण एजेंसी पर गुणवत्ता संबंधी नियमों की अनदेखी करने के आरोप लग रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक और उदाहरण बन सकता है।
नागरिकों ने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य से संबंधित स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, माप पुस्तिका (एमबी बुक), गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट एवं भुगतान संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य निर्धारित शर्तों और मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि शासन द्वारा विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। यदि किसी निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में वित्तीय अनियमितता, पद के दुरुपयोग तथा लोकधन की संभावित क्षति जैसे गंभीर प्रश्न भी खड़े होते हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर, नगरीय प्रशासन विभाग, लोक निर्माण विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों एवं अन्य सक्षम जांच एजेंसियों से मांग की है कि निर्माणाधीन नाले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री के नमूने एकत्रित कर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से परीक्षण कराया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि विकास कार्य केवल कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर गुणवत्ता के साथ दिखाई देने चाहिए। जनता के धन से होने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए नाला निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच समय की मांग बन गई है। इस संबंध में नगर परिषद मालनपुर के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। संबंधित विभाग अथवा निर्माण एजेंसी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


